अंतर्मन

kavita - अंतर्मन
kavita – अंतर्मन

मायाजाल का खिलौना बना अंतर्मन

मुक्त होने को तपस्यारत

रंगमहल में शतरंज की बिसात

मोहरे सिर उठाये निहारते

पैदल सहमे हुए

हाथी-घोड़े अड़े हुए

वजीर असमंजस में

राजा रंगरेलियों में

मन के हजार कोनों में

दुबका हुआ अंतर्मन