नागणेचेजी देवी माता

जय जय नागणेचेजी देवी माता की जय।
देवी नागणेचेजी जी के मंदिर की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता है। बारहमास देवी माता के दर्शन और पूजन-अर्चन की सुदीर्घ परंपरा है। नवरात्रि में यहां मेला भरता है। होली पर यहां से होलाष्टक आरंभ होने की घोषणा की जाती है। देवी माता नागणेचेजी जी का मंदिर हमारे बीकानेर के जूनागढ़ और कोटगेट से तीन-चार किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण में स्थापित है। मंदिर से आगे दक्षिण विस्तार योजना पवनपुरी, घड़सीसर तालाब और गांव है जो अब शहर में ही शुमार होता है। कभी इस ओर शाम ढलने के बाद हिम्मत वाले ही आया जाया करते थे क्योंकि यह इलाका बियाबान था मगर आज यहां राजस्थान आवासन मंडल की बड़ी ख्यातनाम कॉलोनी पवनपुरी बसी हुई है । सुदर्शना नगर इस मंदिर के ठीक सामने बसा है। मंदिर के पीछे की ओर यानी पूर्व दिशा में शिवबाड़ी और आगे तक आवासन मंडल और नगर विकास न्यास की आवासीय योजनाओं के कारण आबादी बढ़ने लगी है। नागणेचेजी जी का जो मंदिर करीब तीन दशक पहले आबादी से दूर था, आज आबादी के बीच घिरा हुआ है।

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