शब्दों के आसपास

BAHUBHASHIहम बोलते हैं ।

भा़व संप्रेषण के उद्देश्य से ।

शब्द खुदबखुद गुंथते

माला का आकार ले लेते ।

नाम बन जाते । तुम्हारे । हमारे ।

यूं हम तुम

रहते शब्दों के आस पास ।