राज्य सरकार के वर्तमान कार्यकाल के 3 वर्ष; जनकल्याणकारी योजनाओं से मिला लाभ

बीकानेर ( शरद केवलिया ) ।    जिला उद्योग केन्द्र द्वारा गत तीन वर्ष में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पियों, बुनकरों, उद्यमियों को लाभान्वित किया गया है। अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।


युवाओं को मिल रहा संबल- जिला उद्योग केन्द्र द्वारा भामाशाह रोजगार सृजन योजना-2015 के तहत 383 युवाओं को 312.08 लाख रूपए का ऋण वितरण कराया गया तथा 17 युवाओं को 32 हजार रूपए का ब्याज अनुदान का भुगतान किया गया। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 119 अभ्यर्थियों को ऋण वितरण किया गया तथा 102 युवाओं को 106.91 लाख रूपए की मार्जिन मनी (अनुदान) नोडल बैंकों द्वारा जारी की गई। इसी प्रकार मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना-2013 के तहत 385 युवाओं को 872.45 लाख रूपए का ऋण वितरण कराया गया तथा 100.34 लाख रूपए का ब्याज  अनुदान भुगतान किया गया। युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए जिला स्तर व पंचायत समिति स्तर पर केन्द्र ने 21 औद्योगिक प्रोत्साहन शिविरों का आयोजन किया। 

उद्यमियों को मिला प्रोत्साहन- राजस्थान निवेश प्रोत्साहन नीति 2010 व 2014 के तहत 64 उद्यमों को स्टाम्प ड्यूटी/विद्युत शुल्क/मण्डी शुल्क में छूट दी गई तथा 3 उद्यमों को विनियोजन अनुदान, रोजगार सृजन अनुदान स्वीकृति के लिए पात्रता प्रमाण पत्र जारी किये गये। विभाग की ओर से अब तक उद्योग आधार ज्ञापन 2 हजार 855 ऑनलाईन जारी हुए हैं, जिनमें 13 हजार 390 का नियोजन व 48732 लाख रूपए का पूंजी विनियोजन अंकन है। उद्यमिता ज्ञापन पार्ट-2 984 जारी हुए, जिसमें 4 हजार 250 व्यक्तियों का नियोजन व 10096 लाख रूपए का पूंजी विनियोजन हुआ है। 

हस्तशिल्पी, दस्तकार, बुनकर हुए लाभान्वित- महात्मा गांधी बुनकर बीमा योजना के तहत इस समयावधि में 709 व्यक्तियों का बुनकर बीमा किया गया। इसी प्रकार जिले में 18 हस्तशिल्पियों व दस्तकारों को 80 हजार रूपए की बाजार सहायता मुहैया करवाई गई तथा 31 हस्तशिल्पियों व दस्तकारों को 1.59 लाख रूपए का ब्याज अनुदान का भुगतान किया गया। हस्तशिल्पियों व दस्तकारों के परिचय पत्र बनाने के लिए अब तक 220 आवेदन पत्र विकास आयुक्त हस्तशिल्प कार्यालय, जोधपुर भिजवाए जा चुके हैं, जिनमें से 59 परिचय पत्र जारी कर दिए गए हैं। राजस्थान हैंडमेड पोर्टल पर 567 हस्तशिल्पियों व दस्तकारों तथा 82 बुनकरों का डाटा अपलोड कर दिया गया है। 

दिया गया प्रशिक्षण- जिला उद्योग केन्द्र द्वारा जिले में गृह उद्योग योजना के अन्तर्गत 13 ट्रेड््स में 357 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया। उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत जिला उद्योग केन्द्र द्वारा 8 प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर 194 युवाओं को प्रशिक्षण दिया।  -शरद केवलिया

चार यार और पंजतारा से गूंजा श्रीकोलायत

​श्रीकोलायत में चार यार और पंजतारा गूंजा


कबीर-नानक वाणी से दिया साम्प्रदायिक सद्भाव का संदेश
बीकानेर, 14 नवम्बर 2016 ( मोहन थानवी )। चार यार और पंजतारा की गूंज से  महर्षि कपिल की तपोभूमि श्रीकोलायत में  श्रद्धालु झूम उठे। चंद्रमा की शीतल चांदनी के साथ प्रेम-संदेश बरसता रहा। 

चार यार के साथ पंजतारा गूंजा – 

बैंगलुरू स्थित कबीर प्रोजेक्ट की निदेशक शबनम विरमानी और विपुल रिखि ने पांच तारों वाले तंबूरा बजाकर कबीर और अन्य संतों की वाणियों को अद्भुत गायकी में ढालकर प्रस्तुत किया। उन्होंने ‘तेरी काया नगर का कौन धणी, मारग में लूटै पांच जणी’ गाकर समा बांध दिया। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मदनगोपाल सिंह एवं ‘चार यार’ ग्रुप ने तबला, गिटार, सरोद और गायन के समग्र प्रभाव में बुल्ले शाह, गुलाम फरीद और वारिस शाह जैसे संतों की वाणी को जीवंत कर दिया। कबीर गायन के मौजूदा परिदृश्य में सशक्त लोक गायक पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपान्या ने एक सशक्त लोक गायक के रूप में प्रभावी प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं की जमकर तालियां बटोरीं। 

देश और दुनिया के विख्यात कलाकारों ने कबीर, मीरा, बुल्ले-शाह और गोरखनाथ जैसे सूफी संतों की वाणी से साम्प्रदायिक सद्भाव और आध्यात्मिक प्रेम का संदेश दिया। 

कार्तिक पूर्णिमा की चांदनी और ‘राजस्थान कबीर यात्रा’ के चलते स्नान, भक्ति, और ध्यान की भावना से सराबोर हो गई। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सांख्य दर्शन के प्रणेता महर्षि कपिल की तपोभूमि स्थित कपिल सरोवर में भक्ति-भाव से डुबकी लगाई और पांच शताब्दी से अधिक प्राचीन मंदिर में दर्शन किए।
लोकायन संस्था, बीकानेर पुलिस और पर्यटन विभाग द्वारा भंवर-नरसी-पूनम कुलरिया परिवार मूलवास के सहयोग से आयोजित ‘राजस्थान कबीर यात्रा 2016’ के चौथे दिन श्रीकोलायत के तहसील प्रांगण में बीकानेर के वाणी गायक शिवजी-बद्री सुथार ने ‘रूणक झुणक पग नेवर बाजे’ के साथ भक्ति-काव्य शास्त्रीय गायन के अलावा वाणी गायन परम्परा को साकार कर दिया। उन्होंने गुरूनानक की वाणी ‘मानुष देह बहुरि नहीं पावत, कछु उपाय मुक्ति का कर रे’ के माध्यम से हजारों की संख्या में मौजूद श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। 
साक्षीजन – 

कार्यक्रम में राजस्थान बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी, कोलायत विधायक भंवर सिंह भाटी, प्रधान जयवीर सिंह, जिला कलक्टर वेदप्रकाश, पुलिस अधीक्षक डाॅ. अमनदीप सिंह कपूर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सतनाम सिंह, उपखण्ड अधिकारी जयसिंह मेघवाल सहित बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक एवं ग्रामीण मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन संजय पुरोहित ने किया। 

कबीर कहे जग गाये – ‘भरोसे थारे चाले रे सत गुरु मारी नांव’

बीकानेर, 12 नवंबर 2016 ( मोहन थानवी ) । कबीर जो रच गए। कबीर जो कह गए । वह जन-जन की वाणी बना। आज कबीर को गाकर जग को गुंजायमान किया जा रहा है। ऐसा हो रहा है बीकानेर से चली कबीर यात्रा द्वारा। 

श्रीडूंगरगढ़ में शनिवार को लोकायन संस्थान व बीकानेर पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में भंवर-नरसी-पूनम कुलरिया परिवार मूलवास के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत में अली-गली भाई के अली ने गणेश भजन व ‘भरोसे थारे चाले रे सत गुरु मारी नांव’भजन की प्रस्तुति दी। इसके पश्चात जैसलमेर के लोक कलाकार महेशाराम ने ‘ऐ म्हारी हेली है’ वाणीसुनाकर श्रोताओं की वाही-वाही लूटी। इसके पश्चात कबीर प्रोजेक्ट की निर्देशिका और वाणी गायिका शबनम बिरमानी ने गोरखनाथ, लाधूनाथ, संत रायल इत्यादि संतों की वाणियों को प्रस्तुत की। दिल्ली से आये गायक कलाकार हरप्रीत सिंह ने गिटार पर कबीर के भजनों को गाया। कच्छ गुजरात से आये लोक कलाकार मावजी ने अपनी प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुगध कर दिया।इससे पहले ‘राजस्थान कबीर यात्रा : 2016’ पहुंचने पर यहां की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों, पुलिस प्रशासन एवं सीएलजी सदस्यों द्वारा स्वागत किया गया। यात्रा के स्वागत के जन सैलाब उमड़ पड़ा और बैण्ड बाजों एवं पुष्प वर्षा के साथ यात्रा एक जुलूस के रूप में पूराने बस स्टैण्ड पहुंची। यह जुलूस स्टेशन रोड़, मुख्य बाजार, पुस्तकालय, गांधी पार्क होते हुए निर्धारित स्थल पर पहुंची। इसमें उपअधीक्षक जगदीश बोहरा, थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई, लायन महावीर स्वामी, सलीम बहेलिया, विमल भाटी, अबू मण्डेलिया सहित बड़ी तादाद में लागे शामिल हुए।

सायं 7 बजे पुराना बस स्टैण्ड पर राजस्थान कबीर यात्रा का कार्यक्रम शुरू हुआ जिसमें श्रीडूंगरगढ़ विधायक किशनाराम नाई, बीकानेर शहर भाजपा अध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य, बीकानेर पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर, ताराचंद सारस्वत, जगदीश बोहरा उपअधीक्षक, विष्णुदत्त विश्नोई थानाधिकारी, सोहनलाल ओझा, श्याम महर्षि पूर्व अध्यक्ष रा.भा.सा.सं.अ. की उपस्थिति में कार्यक्रम की शुरूआत हुई। 

कार्यक्रम के निदेशक गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान श्रीडंूगरगढ़ विधायक किशनाराम नाई, बीकानेर पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर व कबीर यात्रा निदेशक गोपाल सिंह ने सभी यात्रीयों की और से कलाकारों का साफा व शॉल से स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन संजय पुरोहित ने किया। यात्रा देर रात को श्रीडूंगरगढ़ से राववाला के लिए रवाना हुई। 

कबीर की आंखों में रक्त और आंसू ; दास्तान ढाई आखर की 

​बीकानेर 11/6/16 ( प्रस्तुति मोहन थानवी)।  कबीर की एक आंख धार्मिक पाखंड, सामाजिक रूढिय़ों और साम्प्रदायिक भेदभाव के प्रति रक्ताभ है, वहीं उनकी दूसरी आंख से एक चिर-विरहणी की तरह आंसू टपकते नजर आते हैं। कबीर ने अपने समय की हर रूढि़ का प्रत्याख्यान एक करुण दृष्टि के साथ नितान्त व्यावहारिक धरातल पर किया है।

ये उद्गार प्रख्यात राजस्थानी साहित्यकार पद्मश्री चन्द्रप्रकाश देवल ने प्रकट किए। वे शुक्रवार को लोकायन संस्थान एवं बीकानेर पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राजस्थान कबीर यात्रा : 2016 के तहत गंगाशहर स्थित ‘नैतिकता का शक्तिपीठ’ में आयोजित समारंभ-सत्र में प्रकट किए।  

सत्र को पावन सान्निध्य दे रही आचार्य महाश्रमण की शिक्षानुवर्तिनी विदुषी शिष्या बहुश्रुत साध्वी कनकश्री ने कहा कि सन्तों की उपस्थिति ही संसार की आग को शान्त करने का काम करती है। साध्वीश्री ने कहा कि इस देश की सन्त परम्परा अत्यन्त प्राचीन है और इसी क्रम में मध्यकाल में जहां कबीर, तुलसी और सूर जैसे सन्तों का प्राकट्य हुआ, वहीं बीसवीं शताब्दी में धार्मिक क्रांति के सूत्रधार बनकर आचार्य तुलसी संसार में आए।  

आरंभ में स्वागत भाषण देते हुए आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान के मंत्री लूणकरण छाजेड़ ने कहा कि आचार्य तुलसी के पावन समाधि-स्थल से आज देव-जागरण एकादशी को प्रारंभ होने वाली राजस्थान कबीर यात्रा जन-जन तक सह-अस्तित्व, सहिष्णुता और प्रेम का संदेश पहुंचाएगी, ऐसी कामना सहन ही की जा सकती है।  

उद्घाटन-सत्र

लोकायन संस्थान व बीकानेर पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में भंवर-नरसी-पूनम कुलरिया परिवार मूलवास के आर्थिक सौजन्य से आयोजित ‘राजस्थान कबीर यात्रा : 2016’ का उद्घाटन वेटरिनेरी विश्वविद्यालय परिसर स्थित दीवाने-आम में केन्द्रीय वित्त एवं कंपनी कार्य राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल, बीकानेर पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर, पूर्व विधायक देवीसिंह भाटी(कोलायत), बीकानेर (पश्चिम) विधायक गोपाल जोशी, जिला कलेक्टर वेद प्रकाश,  लोकायन अध्यक्ष चित्रकार महावीर स्वामी तथा नरसी कुलरिया ने संयु्कत रूप से किया।

इस अवसर पर केन्द्रीय वित्त एवं कंपनी कार्य राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि यह छह दिवसीय कबीर-यात्रा मरुधरा बीकानेर में सांप्रदायिक सौहार्द तथा आध्यात्मिक प्रेम बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी आने वाले समय में बीकानेर की पहचान राजस्थान कबीर यात्रा के नाम से होगी। उन्होंने कबीर के अनेक दोहों का जिक्र करते हुए कबीर को अनेक संदर्भो में प्रासंगिक बताया। उन्होंने स्वयं कबीर की वाणी गाकर श्रोताओं को मंत्रमुगध कर दिया।  कबीर यात्रा के सहयोगी बीकानेर पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर ने कहा कि बीकानेर पुलिस अपनी निर्धारित भूमिका से कुछ अलग हटकर राजस्थान कबीर यात्रा जैसे सर्जनात्मक आयोजन से इसलिए जुड़ी है ताकि इस अवसर का लाभ पुलिस और जनसाधारण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए उठा सके और हम इस यात्रा को बीकानेर के आस-पास के गांवों में लेजाकर साप्रादायिक सौहार्द, प्रेम तथा सद्भाव का संदेश पहुचाने का प्रयास कर रहे है। यात्रा के निदेशक गोपाल सिंह चौहान ने देश-विदेश से आए यात्रियों तथा प्रायोजक नरसी कुलरिया परिवार व अन्य सहयोगी संस्थाओं का धन्यवाद देते हुए कहा कि कबीर यात्रा सामुदायिक सहयोग के बिना संभव नहीं हो सकती।  

उद्घाटन सत्र में  पहली प्रस्तुति  पूगल के मुख्यतारअली ने सूफी भजन ‘मनकुन्तो मौला’ से की इसके बाद इन्होंने कबीर का प्रचलित भजन ‘चदरिया झिन्नी रे झिन्नी’ सुनाया इसके बाद दिल्ली के मशहूर उर्दू दास्तागो अंकित चड्ढा ने कबीर आधारित ‘दास्तान ढाई आखर की’ की अद्भुत अदायगी से वातावरण को पूरी तरह कबीर मय कर दिया। मालवा के प्रख्यात वाणी गायक कालूराम बामनिया और बीकानेर के मुख्त्यार अली ने अपनी सूफी गायकी से श्रोताओं को अभिभूत कर दिया। लोकायन सचिव गोपालसिंह चौहान ने यात्रा के सहभागी बने देश-विदेश के दो सौ से अधिक कबीर-प्रेमियों समेत सभी के प्रति आभार प्रकट किया।

​ग्राम में सम्मानित हुई बीकानेर जिले की प्रगतिशील महिला पशुपालक

​ग्राम में सम्मानित हुई बीकानेर जिले की प्रगतिशील महिला पशुपालक


जयपुर, 11 नवम्बर। जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एक्जीबिशन एंड कन्वेंषन सेंटर में आयोजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट ग्राम के समापन समारोह में केन्द्रीय कृषि मंत्री  राधामोहन सिंह और मुख्यमंत्री  वसुंधरा राजे ने राज्य स्तर से लेकर पंचायत समिति स्तर तक प्रगतिशील महिला पशुपालकों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

समारोह में बीकानेर जिले की सुमन देवी और लिक्षमा देवी को जिला स्तर पर सम्मानित किया गया। इन्हें प्रत्येक को 25 हजार रूपये और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी तरह पंचायत समिति स्तर पर श्रेष्ठ महिला पशुपालकों को सम्माति किया गया। इनमें बीकानेर पंचायत समिति से पुष्पा देवी, नोखा पंचायत समिति से सुमित्रा देवी, पांचू से शांति देवी, कोलायत से कस्तूरी देवी, लूणकरणसर से मंजू देवी, खाजूवाला पंचायत समिति से संतोष देवी, डूंगरगढ़ पंचायत समिति से चंदा देवी को सम्मानित किया गया। इनको 10 – 10 हजार रूपये और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

नेशनल रोड साइक्लिंग चैम्पियनशिप / दिनेश व देवकिसन के स्वर्ण सहित राजस्थान की झोली में आए कुल छह पदक

बीकानेर, 6 नवंबर। अलीगढ़ (उत्तरप्रदेश) में 5 से 8 नवंबर तक होने वाली इक्कीसवीं सीनियर, जूनियर एवं सबजूनियर नेशनल रोड साइक्लिंग चैम्पियनशिप के दूसरे दिन राजस्थान के साइकिल धावकों ने तीन स्वर्ण सहित कुल छह पदकों पर कब्जा जमाया। 

भारतीय साइक्लिंग संघ के संयुक्त सचिव किशन कुमार पुरोहित ने बताया कि 30 किलोमीटर बॉयज अंडर-18 व्यक्गित टाइम ट्रायल में राजस्थान के साइकिल धावक देवकिसण सारण तथा 40 किलोमीटर अंडर-23 व्यक्तिगत टाइम ट्रायल में दिनेश कुमार तर्ड ने स्वर्ण पदक जीता। इसी वर्ग में बाबूलाल ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। वहीं दस किलोमीटर अंडर-16 व्यक्तिगत टाइम ट्रायल में राकेश ज्याणी ने कांस्य पदक पर कब्जा किया। 

  उन्होंने बताया कि 40 किमी रोड टीम टाइम ट्रायल में ओमप्रकाश थालोड़, देवकिसन सारण, बीरमाराम तथा गजानंद स्वामी की टीम ने स्वर्ण पदक जीता। सीनियर वर्ग में 60 किमी रोड टाइम ट्रायल में दिनेश कुमार तर्ड, बाबूलाल चौधरी, नरेन्द्र सिंह ताखर तथा कालूराम जाट ने राजस्थान की झोली में रजत पदक डाला।

टीम में मुख्य कोच के रूप में श्रवण कुमार भांभू, सहायक कोच के रूप में दयालाराम जाट तथा मैनेजर के रूप में हरिराम चौधरी साथ रहे। साइकिल फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से राजस्थान के रामनाथ आचार्य तकनीकी अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। टीम की इस उपलब्धि पर सचिव रामजी व्यास, गौरी शंकर खत्री, रामकुमार जोशी, श्रवण कुमार डूडी, पतराम जाट, पाना चौधरी, एमजेएसयू के खेल निदेशक यशवंत गहलोत, रामपुरिया लॉ कॉलेज के डॉ. अनंत जोशी, सिस्टर निवेदिता कॉलेज के डॉ. रितेश व्यास आदि ने प्रसन्नता व्यक्त की है।