एक जनवरी 17 से सभी रेलगाड़ियों में प्रथम चार्ट तैयार होने के बाद खाली बर्थ/ सीटों पर बेसिक किराये में 10% छूट-सुविधा और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेलवे के उपाय 

एक जनवरी 17 से सभी रेलगाड़ियों में प्रथम चार्ट तैयार होने के बाद खाली बर्थ/ सीटों पर बेसिक किराये में 10% छूट-सुविधा और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेलवे के उपाय 

राजधानी/दुरंतो/शताब्दी गाड़ियों में प्रथम चार्ट तैयार होने के बाद खाली बर्थों/सीटों पर बेसिक किराए में 10% छूट प्रदान करने की अपनी घोषणा को जारी रखते हुए, भारतीय रेल ने अन्य सभी रेलों के आरक्षित वर्ग में भी इस छूट के विस्तार का फैसला किया है। यह सुविधा प्रायोगिक आधार पर 01.01.2017 से छह महीने के लिए प्रभावी होगी।
 ये हैं प्रावधान :

1.1 प्रथम चार्ट तैयार होने से पहले एक विशेष श्रेणी और रेल के लिए बिक्री किए गए अंतिम टिकट के मूल किराए पर 10% की छूट लागू होगी।
1.2 आरक्षण शुल्क और सुपरफास्ट प्रभार पूरी तरह से लगाया जाएगा और प्रयोज्य सेवा कर इत्यादि भी लागू होगा।
1.3 टीटीई के द्वारा रेल में (यात्रियों के ना आने के कारण) खाली हुई बर्थों के आवंटन पर भी 10% छूट लागू होगी ।  
&&&&&&&& और अब यह खबर &&&&&

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेलवे के उपाय 
डिजिटल एवं कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा की गई घोषणा के मद्देनजर रेल मंत्रालय ने विभिन्न प्रोत्साहनों एवं उपायों का अतिरिक्त निम्नलिखित पैकेज पेश किया है। यह 01 जनवरी, 2017 से प्रभावी होगा।
1.      रेल मंत्रालय ने आरक्षित एवं अनारक्षित दोनों ही टिकटें जारी करने के लिए यात्री टिकट सुविधा केन्द्रों (वाईटीएसके) को पीओएस मशीनें लगाने और सभी बैंकों के डेबिट/क्रेडिट कार्डों के जरिये भुगतान स्वीकार करने का निर्देश देने का फैसला किया है। इन केन्द्रों को अन्य मोड जैसे कि यूपीआई, यूएसएसडी, ई-वॉलेट, आधार से संबद्ध भुगतान प्रणाली के जरिये भी भुगतान स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

2.      रेल मंत्रालय ने अनारक्षित टिकट जारी करने के लिए जन साधारण टिकट बुकिंग सेवा (जेटीबी) को भी अन्य मोड जैसे कि यूपीआई, यूएसएसडी, ई-वॉलेट, आधार से संबद्ध भुगतान प्रणाली के जरिये भुगतान स्वीकार करने का निर्देश देने का फैसला किया है।

3.      रेल मंत्रालय ने डिजिटल तरीकों जैसे कि डेबिट/क्रेडिट कार्डों के उपयोग के जरिये विश्राम-कक्ष की बुकिंग पर 5 फीसदी डिस्काउंट की अनुमति देने का भी निर्णय लिया है।

4.      रेल मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है कि डिजिटल तरीकों जैसे कि डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड इत्यादि के जरिये भुगतान करने की स्थिति में उपनगरीय मार्गों के सीजन टिकटों (मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक, वार्षिक) के मूल किराये में 0.5 फीसदी डिस्काउंट दिया जाएगा। 0.5 फीसदी रियायत देने के बाद जो मूल किराया होगा    उस पर अन्य प्रभार जैसे कि एमयूटीपी सरचार्ज, मेला सरचार्ज, सेवा कर इत्यादि, यदि लागू हो, तो अलग से लगाये जाएंगे।

​ईसीएल राजमहल कोयला खदान हादसा :  राहत एवं बचाव कार्य जारी; मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा; राजमहल परियोजना के प्रोजेक्ट ऑफिस में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया 

ईसीएल राजमहल कोयला खदान हादसा :  राहत एवं बचाव कार्य जारी; मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा; राजमहल परियोजना के प्रोजेक्ट ऑफिस में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया 

ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के सीएमडी ने बताया है कि 29 दिसंबर, 2016 को शाम करीब साढ़े 7 बजे झारखंड के गोड्डा जिले में चल रही राजमहल परियोजना में मिट्टी धंसने के कारण एक हादसा हुआ है। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई है। कंपनी ने मृतकों के परिजनों को कर्मकार मुआवजा अधिनियम के तहत दी जाने वाली राशि के अलावा पांच-पांच लाख रुपये का अनुग्रह मुआवजा दिए जाने की घोषणा की है। ईसीएल द्वारा मृतक के परिजनों को सभी आवश्यक मदद दी जा रही है। दो लोग घायल हुए हैं और उनका क्षेत्र के अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें से एक को आगे के इलाज के लिए दुर्गापुर भेजा गया है। प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि घटना अप्रत्याक्षित है। यह छिपी हुई फाल्ट लाइन/स्लिप के साथ बेंच एज के फेल हो जाने की वजह से हो सकती है। ईसीएल और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी कल शाम से राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। आज सुबह 11 बजे तक 3 एक्सकेवेटर और 7 डंप ट्रकों को लगाया गया है। राहत एवं बचाव कार्य में एनडीआरएफ को भी लगाया गया है। खदान सुरक्षा के महानिदेशक ने घटना के जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके अलावा कोल इंडिया लिमिटेड ने हादसे की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी है। ईसीएस की राजमहल परियोजना के प्रोजेक्ट ऑफिस में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। श्री आर.आर. अमिताभ (जीएम, खान) नियंत्रण कक्ष के इन-चार्ज हैं। उनका फोन नंबर है – 9771447171

कवि कथाकार राजेन्द्र जोशी का रचना पाठ और सम्मान  1 जनवरी 17 को गंगानगर में किया जाएगा

​बीकानेर/28 दिस./सृजन सेवा संस्थान , श्री गंगानगर के तत्वावधान में आगामी रविवार 01 जनवरी 2017 को गंगानगर में कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी का रचना पाठ आयोजित होगा।

        सृजन सेवा संस्थान के सचिव संदेश त्यागी ने बताया कि वर्ष 2017 के प्रथम दिन रविवार, 01 जनवरी को जाने-माने कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी सृजन कार्यक्रम के तहत अपनी हिन्दी-राजस्थानी की रचनाएं सुनाएगे, त्यागी ने बताया कि जोशी का एकल काव्यपाठ होगा त्यागी ने बताया कि रविवार को सुबह साढ़े दस बजे बीरबल चौक गंगानगर स्थित तनिष्क शोरूम में होने वाले कार्यक्रम में जोशी का सम्मान भी संस्था द्वारा किया जाएगा।

महोपाध्याय  क्षमाकल्याणजी पर विशेष आवरण;  विरुपण और पुस्कातकों का लोकार्पण

बीकानेर, 28 दिसम्बर। महापौर नारायण चोपड़ा ने कहा कि हमें संत व महापुरुषों के त्याग, तपस्या, आदर्शों से प्ररेणा लेनी चाहिए। महापौर बुधवार को जैन संत महोपाध्याय क्षमा कल्याणजी म.सा. के 200 वीं स्वर्गारोहण जयंती पर मुख्य डाकघर परिसर में जयंती विशेष आवरण व विरुपण तथा पुस्तकों के लोकार्पण कार्यक्रम में बोल रहे थे। चोपड़ा ने कहा कि क्षमाकल्याणजी ने ज्ञान व ध्यान की साधना करते हुए जीव मात्रा के कल्याण का संदेश दिया तथा लोगों में मानवता, सत्य, अहिंसा, अचौर्य, ब्रह्मचर्य आदि गुणों को विकसित किया। इस अवसर पर उन्होंने आमजन से जिले को स्वच्छ, साफ सुथरा तथा हरा भरा बनाने में सहभागी बनने की अपील की। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए नगर विकास न्यास के अध्यक्ष महावीर रांका ने कहा कि विराट व्यक्तित्व एवं कृतित्व के धनी संत महापुरुर्षों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर पीड़ित मानव की सेवा करें। उन्होंने कहा कि महोपाध्याय क्षमाकल्याणजी महाराज की उच्च साधना व तप के कारण 200 वर्ष के बाद भी श्रद्धालु श्रद्धा से उनका स्मरण कर नमन करते हैं । हमें महापुरुर्षों से प्रेरणा लेकर परोपकार के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभानी चाहिए।  डाकघर अधीक्षक एस.एस.शेखावत ने कहा कि डाक विभाग आम जन के लिए 100 से अधिक सेवाओं का संचालन कर रहा है। केन्द्र व राज्य सरकार की डाक बीमा, सुकन्या बीमा योजना का लाभ पात्रा लोगों को दिलवाने हेतु जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जैन खरतरगच्छाचार्य श्री जिन पीयूष सागर सूरि म.सा. की प्रेरणा से महोपाध्याय श्री क्षमाकल्याणजी की ऐतिहासिक द्विशताब्दी पुण्यतिथि (1873-2073) के पुण्य अवसर पर जारी यह विशेष आवरण व विरुपण युगों तक प्रेरणादायक रहेगा। समारोह संयोजक तथा श्री हरख चंद नाहटा स्मृति न्यास, दिल्ली के ललित नाहटा ने मुख्य वक्ता के रूप् में कहा कि क्षमाकल्याणजी महाराज की साधना के उच्च शिखर तथा सिद्धि की पराकाष्ठा के प्रतीक स्वरूप् 200 साल से भी उनकी वासक्षेप की परम्परा अखंड, अविछन्न रूप् से सुखसागर समुदाय के साधु-साध्वियों के मध्य चली आ रही है। आज भी नूतन साधु साध्वी के दीक्षा प्रसंग पर नामकरण संस्कार के समय वासक्षेप अभिमंत्रित कर्पूर, चंदन का बूरा आदि सामग्री ’’ प्रदान करते क्षमाकल्याणजी म.सा. की वासक्षेप शब्दों का उच्चारण किया जाता है। भारतीय डाक विभाग राजस्थान परिमंडल व श्री हरखचंद नाहटा स्मृति न्यास के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में तेरापंथ सभा, बीकानेर के अध्यक्ष सुरपत बोथरा, पूर्व पार्षद जनार्दन कल्ला, जिला उद्योग संघ के सचिव कन्हैयालाल बोथरा, आदि वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया। जयचंद लाल नाहटा, गेवर चंद मुसरफ, रतन लाल नाहटा, विजय कोचर सहित अनेक गणमान्य मौजूद थे।

​साहित्य के माध्यम से  सम्भव हैं मानवीय मूल्यों का संरक्षण – बादल

कालू ( लूणकरनसर )/  बीकानेर 27 दिसम्बर/ ऐसे विकट समय में जब संवेदना की धारा सूखती जा रही हैं, साहित्य ही मानवीय मूल्यों के पोषण का माध्यम बन सकता है, ये उद्गार प्रख्यात साहित्यकार डॉ. मंगल बादल ने व्यक्त किए। डॉ. बादल मंगलवार को कालू के मां जगदम्बा यात्रिगृह सभागार में नानूराम संस्कृर्ता साहित्य सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप  में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आज के जीवन में व्याप्त अविश्वास और तनाव से निजात पाने के लिए साहित्य के पठन-पाठन को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार डॉ. मदन सैनी ने कहा कि नानूराम संस्कर्ता ने ग्रामीण जीवन के सुख-दुख का जो अंकन किया हैं, वह बेजोड़ है। इस समारोह में डॉ. नीरज दइया को उनके राजस्थानी काव्य संग्रह ‘पाछो कुण आसी’ के लिए नानूराम संस्कर्ता साहित्य सम्मान से विभूषित किया गया। पुरस्कार के तहत डॉ. दइया प्रशस्ति पत्र, श्रीफल, शॉल, प्रतीक चिह्न, व पत्रम् पुष्पं अर्पित किए गए। 
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. चेतन स्वामी ने कहा कि राजस्थानी कहानी को स्थापित करने में संस्कर्ता का अवदान मील का पत्थर है, विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार चमोली ने कहा कि नई पीढ़़ी को साहित्यिक विरासत से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। कार्यक्रम की शुरूवात मंचासीन अतिथियों द्वारा साहित्यकार नानूराम संस्कर्ता के तेल-चित्र पर माल्यापर्ण एवं पुष्पार्पण से की गई।  कथाकार-कवि डॉ. मदन गोपाल लढ़ा ने नानूराम संस्कर्ता के साहित्यिक अवदान पर पत्रवाचन किया। कवि कहानीकार नवनीत पाण्डे ने राजस्थानी भाषाऔर साहित्य की चर्चा करते हुए डॉ. नीरज दइया के अवदान को रेखांकित करते हुए कहा कि वे नई पीढ़ी में सबसे अधिक दूर तक पहचाने जाने वाले रचनाकार हैं। जगदीश प्रसाद सोनी ने सम्मानित होने वाले कवि डॉ. नीरज दइया का परिचय देते हुए पुरस्कृत काव्य-कृति ‘पाछो कुण आसी’ पर समीक्षात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि ये कविताएं अपने प्रयोगों द्वारा कविता में बदलाव की सूचना भी देती है। कार्यक्रम में डॉ. गजादान चारण ने नानूराम संस्कर्ता के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर रामजीलाल घोड़ेला, डॉ गौरीशंकर, राजेन्द्र जोशी, उपसंरपच हजारीराम सारस्वत, सुरेश कुमार डूढ़ाणी, रामचन्द्र पुरोहित ने भी विचार व्यक्त किए। 
आयोजन समिति की ओर से शिवराज संस्कर्ता ने सभी आगंतुकों का आभार जताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों द्वारा नानूराम जी के कार्यों को विस्तार दिए जाने का विश्वास दिलाया। आयोजकों की ओर से मंचासीन अतिथियों का मार्ल्यापण कर प्रतीक चिह्न भेंट कर अभिन्नदन किया गया। कार्यक्रम का संचालन युवा कवि राजूराम बिजारणियां ने किया। समारोह में पूर्व संरपच रामकुमार सारस्वत, महाजन संरपच प्रतिनिधि सद्दाम हुसैन, उपसंरपच कमल संस्कर्ता, अधिवक्ता महिपाल सारस्वत, प्रधानाचार्य ओंकारनाथ योगी, कोषाधिकारी बजरंग शर्मा, चैनरूप सोनी, मालचन्द जोशी सहित बड़ी संख्या में कालू तथा आसपास के ग्रामों से गणमान्य जन मौजूद रहे। 


​लेफ्टिनेंट जनरल विनोद वशिष्ठ ने एनसीसी के महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला 

लेफ्टिनेंट जनरल विनोद वशिष्ठ ने 23 दिसंबर 2016 को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।

            राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र, जनरल वशिष्ठ  09 जून, 1979 को आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल हुए। जनरल वशिष्ठ ने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज वेलिंगटन से  स्नातक किया है। जनरल वशिष्ठ ने उच्च कमान कोर्स, नेशनल डिफेंस कॉलेज,आईएएस प्रोफेशनल कोर्स किए हैं तथा मेलबर्न आस्ट्रेलिया में इमरजेंसी मैनेजमेंट कोर्स भी किया है।

            उन्होंन विभिन्न पदों पर कार्य किया है। उन्हें कमांड और स्टाफ के कार्य में विशिष्ट सेवा के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। जनरल वशिष्ठ सैन्य प्रशिक्षण में अपर महानिदेशक तथा रक्षा मंत्रालय के आईएचक्यू (सेना) में अतिरिक्त सैन्य सचिव (ए) के पदों पर तैनात रह चुके हैं। इस पद पर नियुक्त होने से पहले वह गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में कमांडेंट थे। वो एनसीसी में लेफ्टिनेंट जनरल ए चक्रवर्ती का स्थान लेंगे जो 31 अगस्त 2016 को सेवानिवृत्त हो गए थे।

​‘कैशलेस बीकानेर’ की परिकल्पना : अनेक ऑटोचालक और ठेले वालों ने अपनाया ‘ई-बड्डी’ 

बीकानेर, 26 दिसम्बर। शहर के ऑटोचालक और ठेले वाले भी ‘कैशलेस बीकानेर’ की परिकल्पना को साकार करने में जुट गए हैं। सोमवार को एसबीबीजे और टाइगर यूनियन की ओर से चौधरी भीमसेन सर्किल के पास आयोजित डिजिटल बैंकिंग कार्यक्रम में लगभग डेढ सौ ऑटो चालकों ने एसबीबीजे के ई-वोलेट ‘ई-बड्डी’ डाउनलोड करते हुए इसके माध्यम से लेनदेन की शुरूआत की।          


 कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलक्टर वेदप्रकाश थे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न बैंकों के सहयोग से ‘कैशलेस बीकानेर’ अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। इस अभियान में सहायक बनते हुए विभिन्न बैंकों ने एक दर्जन से अधिक गांवों को ‘कैशलेस’ बनाने का बीड़ा उठाया है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में भी आमजन की जागरूकता के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में ‘ई-वोलेट’ पैसों की लेनदेन का सशक्त और सुरक्षित माध्यम है। अधिक से अधिक लोगों को इस माध्यम को अपनाना चाहिए। इससे बैंकों का भार भी कम होगा तथा कोई भी व्यक्ति चौबीसों घंटे अपने ई-वोलेट के माध्यम से लेनदेन कर सकेगा।           एसबीबीजे के सहायक महाप्रबंधक रवि भटनागर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘कैशलेस बैंकिंग’ अभियान के प्रति आमजन का रूझान बढ़ रहा है। यह देश और आम नागरिक के लिए लाभदायक है। उन्होंने कहा कि ई-बड्डी के माध्यम से किसी भी व्यक्ति का मोबाइल ही उसका बैंक बन जाएगा और वह बैंक जाए बिना लेन-देन करने में सक्षम हो सकेगा। उन्होंने कहा कि ई-बड्डी के माध्यम से बहुत ही आसान प्रक्रिया द्वारा लेन-देन किया जा सकता है। सहायक महाप्रबंधक (आईटी) सुनील दाधीच ने ई-बड्डी डाउनलोड करने तथा इसे उपयोग करने की प्रक्रिया के बारे में बताया।           
टाइगर यूनियन के युधिष्ठिर सिंह भाटी ने कहा कि सुरक्षित लेनदेन के लिए कैशलेस व्यवस्था से जुड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एसबीबीजे द्वारा छोटी-छोटी टीमें बनाकर, विभिन्न ऑटो एवं ठेला स्टेण्ड में ई-बड्डी के प्रति जागरूकता के अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि जागरूकता के इस अभियान को सतत रूप से संचालित करना जरूरी है। सहायक महाप्रबंधक राजमल जीनगर ने आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन सीताराम कच्छावा ने किया। 

टैक्सी चालक को ई-बड्डी से किया भुगतान           

कार्यक्रम के दौरान ऑटो चालक दिनेश चौहान और ठेला चलाने वाले अजहरूद्दीन ने ई-बड्डी के उपयोग के लाभ बताए और दूसरों को इसके लिए प्रेरित किया। इस दौरान दिनेश चौहान को ई-बड्डी के माध्यम से भुगतान किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त कलक्टर (नगर) शैलेन्द्र देवड़ा, लीड बैंक अधिकारी जितेन्द्र माथुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।