Uncategorized

मेरा यीशु जग से न्यारा… नाल में क्रिसमस समारोह पूर्वक मनाया

*खबरों में बीकानेर*/

बीकानेर/ नाल 21 दिसम्बर 2017

नाल गाव में लिटिल फ्लावर स्कूल में प्रभु यीशु मसीह के जन्म दिन की पूर्व संध्या पर क्रिसमस समारोह पूर्वक मनाया गया

समारोह की मुख्य अतिथि बीकानेर सोफिया स्कूल की मैनेजर सिस्टर वर्सेज मैनेजर ,थी,व विशिष्ट अतिथि ,सिस्टर उषा प्रिंसिपल प्रिंसिपल सोफिया स्कूल व नाल पंचायत के पूर्व वार्ड पंच ओमप्रकाश सोनी थे , अध्यक्षता बीकानेर बी, बी, एस, स्कूल के मैनेजर फादर जोसफ थे ईस अवसर पर क्रिसमस ट्री सजाया गया व केक काट कर प्रभु यीशु के जन्म दिन मनाया गया ,व स्कूल के सभी बचो को गर्म स्वेटर,मिठाई सोफिया स्कूल की तरफ से बाटी गई व नन्हे मुने बचो ने रंगारंग सास्कृतिक प्रोग्राम प्रस्तुत कर प्रभु यीशु के जन्म दिन मनाया जिंगल बेल नृत्य,सहित

मेरा यीशु जग से न्यारा डांस प्रस्तुत किया वही बचो ने शांताक्लाज बन कर गिफ्ट बांटे

इस अवसर पर मुख्य अतिथि सोफिया स्कूल की प्रिंसिपल उषा ने सम्बोधित करते हुवे कहा

क्रिसमस प्रेम शांति और प्यार देता है फादर जोसफ व शिस्टर वर्सेज प्रबन्दक सोफिया व b.b.s. सहित ओमप्रकास सोनी ने सम्बोधित किया धन्यवाद स्कूल की टीचर : प्रतिभा ,ने दिया।

– ओम सोनी; नाल

Advertisements
Uncategorized

अमर शहीद बिस्मिल-अशफाक को नमन

*खबरों में बीकानेर*

अमर शहीद बिस्मिल-अशफ़ाक को नमन करना हमारी विरासत-परम्परा को समृद्ध करना है।
शहीदे आजम बिस्मिल-अश्फाकक की शहादत को किया नमन

जंगे आजादी के लिए अपना महान् त्याग, बलिदान, समर्पण भाव रखने के साथ देश के लिए कुर्बानी देने वाली महान् विभूतियों को नमन करना हमारा नैतिक दायित्व है। इसी सामाजिक सरोकार का निर्वहन करते हुए बीकानेर की धरा पर शहीदे आजम पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक उल्ला खां को नमन करना एवं उनके महान् कार्यो के साथ सांझा-संस्कृति और भाषायी एकता को नई पीढ़ी तक पहुँचाना एक सकारात्मक पहल एवं प्रयास है। प्रज्ञालय संस्थान एवं गरीब नवाज यूथ फेडरेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘सरफरोश’ कार्यक्रम का यही केन्द्रीय भाव है। स्थानीय नागरी भण्डार कला दीर्घा में आयोजित इस कार्यक्रम के प्रथम दिन की अध्यक्षता करते हुए पूर्व महापौर भवानी शंकर शर्मा ने कहा कि आजादी के महान् क्रांतिकारी बिस्मल और अशफ़ाक भारत मां के वो सपूत थे जिन्होंने देश के लिए हँसते-हँसते अपना सब कुछ होम दिया। 1925 में इन महान् देशभक्तों के कारण ही आजादी के आंदोलन में नये तेवर आए एवं देश का नौजवान इस देश की सांझा-संस्कृति भाषायी एकता एवं मानवता के महान् मूल्यों का निर्वहन करते हुए देश के लिए मर मिटने को तैयार हो गया था। ऐसी महान् आत्माओं को नमन करना एक पावन कर्म है। ऐसे आयोजनों से हमारी भाषायी एकता एवं संस्कृति प्रगाढ़ होती है।शर्मा ने आगे कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से ही हम हमारी आजादी के असल सपूतों के महान् कार्यों एवं उनके बलिदान-त्याग को नई पीढ़ी तक ले जाने का उपक्रम करते हैं, जो इस नगर, प्रदेश एवं देश की समृद्ध परम्परा है, इसका निवर्हन संस्था ने किया वह साधुवाद की पात्र है।सरफरोश के इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ एडवोकेट एवं समाजसेवी मुमताज अली भाटी ने कहा कि हमें गर्व है कि हम ऐसे महान भारत मां के सपूतों को नमन एवं स्मरण कर रहे है, जिन्होंने मजहब-भाषा आदि सभी भेदभाव की दीवारों से परे सिर्फ और सिर्फ देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दे दिया। ऐसे आयोजन हमारे भाईचारे की समृद्ध परम्परा को अधिक मजबूत करते है, साथ ही इस नगर की आन-बान-शान का गर्व बढाते है। भाटी ने आगे कहा कि ऐसे आयोजन में उनके सृजनात्मक पक्ष के साथ नमन करना आज के दौर में महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम में अपना सानिध्य देते हुए कवि-कथाकार कमल रंगा ने कहा कि बिस्मल-अशफ़ाक दो शरीर-एक आत्मा थे, साथ ही वे भाषायी समन्वय एवं हमारी सांझा संस्कृति के महान उपासक थे। जिन्होंने अपनी कलम एवं अपने शौर्य से देशहित में वो बलिदान दिया, जिससे आजादी के आंदोलन में एक नया तेवर आया और देश का नौजवान इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगा। प्रारंभ में स्वागत भाषण शायर कासिम बीकानेरी ने देते हुए कहा कि संस्था द्वारा इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जहां इन महान आत्माओं के कार्यो एवं त्याग, तप को नमन करना है, वहीं उन्हें समर्पित सृजनात्मक श्रद्धा व्यक्त करना भी है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए युवा कवि-कथाकार संजय पुरोहित ने बिस्मल एवं अशफ़ाक उल्ला के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर व्यापक प्रकाश डालते हुए उनके जांबाज कार्यो के साथ-साथ एक इंसान के रूप में उनसे जुडे़ कई प्रसंग सांझा किए।
कार्यक्रम में बिस्मिल एवं अशफ़ाक के साथ रोशन सिंह और राजेन्द्र लाहडी के साथ-साथ काकोरी की अमर घटना में शहीद हुए भारत मां के सपूतों एवं उनके अन्य साथियों को नमन कर उनके राष्ट्रीय प्रेम को स्मरण करते हुए उनके अमर रहने के उद्बोधन से पूरा परिसर गूंजायमान हो गया।
कार्यक्रम में बिस्मिल एवं अशफ़ाक के सृजनात्मक योगदान को नमन करते हुए उनकी कविता और शायरी का वाचन नगर के वरिष्ठ कवि-शायरों द्वारा किया गया। इसमें बिस्मिल की रचना से हमको लटकाएं अगर/सरकार फांसी……और ‘‘ मुन्तजिर रहते हैं हम खाक में मिल जाने को……की बहुत ही शानदार प्रस्तुति वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती प्रमिला गंगल ने देकर पूरे वातावरण को वीर रस से सराबोर कर दिया। वहीं बिस्मिल की अन्य रचनाओं का सस्वर पाठ करते हुए मनीषा आर्य सोनी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वरिष्ठ शायर बुनियाद हुसैन ने अशफाक की रचना जमीं दुश्मन/जमां दुश्मन/जो थे/पराये हुए और ये झगड़े और बखेड़े मेटकर/आपस में मिल जाओ की बहुत सुन्दर प्रस्तुति देते हुए रचनाकार की मूल भावना को संप्रेषित कर वाह-वाही लूटी। अशफ़ाक की रचना सीखा है हमने/लड़ने का नया तरीका/चलाओ गन मशीने/ सीमा के खड़े…… की प्रस्तुति देकर माहौल को गंभीर बना दिया। कार्यक्रम में बीकानेर के महान सपूत शहीद जेम्स थामस की माताश्री श्रीमती मैरी कुटटी थामस के आज अस्वस्थ होने के कारण उनको अर्पित करने वाला ‘‘बिस्मल-अशफाक सदभावना शिखर सम्मान’’ सरफरोश कार्यक्रम के दूसरे दिन आयोजित ‘काव्य संध्या’ में अतिथियों द्वारा प्रदत किया जायेगा। कार्यक्रम में शिवशंकर भादाणी, माजिद खां, बी.एल. नवीन, प्रमोद शर्मा, इंजि. आशा शर्मा, गौवर्द्धन चौमाल, रवि शुक्ल, डा. मेघना शर्मा, अबीरचन्द व्यास, पुखराज सोलंकी, अतुल आचार्य, मुरली के.माथुर, अयुब, शमशेर कायमखानी, घनश्याम सिंह, राकेश बिस्सा, शहबाज खान, लीलाधर बोहरा, श्यामसुन्दर हठीला, गिरीराज पारीक, डा.तुलसीराम मोदी, प्रमोद शर्मा, जाकिर अदीब, किशोर बांठिया, श्यामसुन्दर, कन्हैयालाल, मोहनलाल, शिवराम शर्मा, शेख उस्मान गौरी, हरिशंकर आचार्य, मईनुदीन कोहरी, अहमद हारुन, शहराजू खोखर, नरपत सांखला, मोहम्मद रमजान अब्बासी, अब्दुल रहमान, असद रजा भाटी, दीपक स्वामी, अरुण जोशी, मनोज व्यास, मोहन थानवी, विजय व्यास, राहुल व्यायस, अरविन्द थानवी, डा.मोहम्मद फारुख, एम.जहांगीर, मदन जैरी, मुनीन्द्र, अल्लाह बक्श, राकेश पारीक, जय भादाणी, श्रीगोपाल स्वर्णकार, अखाराम चैधरी, धमेन्द्र राठौड., इंजि. सैयद कासम अली, चन्द्रशेखर आचार्य सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपनी गरिमामय साक्षी दी। अंत में सभी का आभार आत्माराम भाटी ने ज्ञापित किया।
– मोहन थानवी

Uncategorized

अमर शहीद बिस्मिल-अशफाक को नमन

*खबरों में बीकानेर*

अमर शहीद बिस्मिल-अशफ़ाक को नमन करना हमारी विरासत-परम्परा को समृद्ध करना है।
शहीदे आजम बिस्मिल-अश्फाकक की शहादत को किया नमन

जंगे आजादी के लिए अपना महान् त्याग, बलिदान, समर्पण भाव रखने के साथ देश के लिए कुर्बानी देने वाली महान् विभूतियों को नमन करना हमारा नैतिक दायित्व है। इसी सामाजिक सरोकार का निर्वहन करते हुए बीकानेर की धरा पर शहीदे आजम पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक उल्ला खां को नमन करना एवं उनके महान् कार्यो के साथ सांझा-संस्कृति और भाषायी एकता को नई पीढ़ी तक पहुँचाना एक सकारात्मक पहल एवं प्रयास है। प्रज्ञालय संस्थान एवं गरीब नवाज यूथ फेडरेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘सरफरोश’ कार्यक्रम का यही केन्द्रीय भाव है। स्थानीय नागरी भण्डार कला दीर्घा में आयोजित इस कार्यक्रम के प्रथम दिन की अध्यक्षता करते हुए पूर्व महापौर भवानी शंकर शर्मा ने कहा कि आजादी के महान् क्रांतिकारी बिस्मल और अशफ़ाक भारत मां के वो सपूत थे जिन्होंने देश के लिए हँसते-हँसते अपना सब कुछ होम दिया। 1925 में इन महान् देशभक्तों के कारण ही आजादी के आंदोलन में नये तेवर आए एवं देश का नौजवान इस देश की सांझा-संस्कृति भाषायी एकता एवं मानवता के महान् मूल्यों का निर्वहन करते हुए देश के लिए मर मिटने को तैयार हो गया था। ऐसी महान् आत्माओं को नमन करना एक पावन कर्म है। ऐसे आयोजनों से हमारी भाषायी एकता एवं संस्कृति प्रगाढ़ होती है।शर्मा ने आगे कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से ही हम हमारी आजादी के असल सपूतों के महान् कार्यों एवं उनके बलिदान-त्याग को नई पीढ़ी तक ले जाने का उपक्रम करते हैं, जो इस नगर, प्रदेश एवं देश की समृद्ध परम्परा है, इसका निवर्हन संस्था ने किया वह साधुवाद की पात्र है।सरफरोश के इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ एडवोकेट एवं समाजसेवी मुमताज अली भाटी ने कहा कि हमें गर्व है कि हम ऐसे महान भारत मां के सपूतों को नमन एवं स्मरण कर रहे है, जिन्होंने मजहब-भाषा आदि सभी भेदभाव की दीवारों से परे सिर्फ और सिर्फ देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दे दिया। ऐसे आयोजन हमारे भाईचारे की समृद्ध परम्परा को अधिक मजबूत करते है, साथ ही इस नगर की आन-बान-शान का गर्व बढाते है। भाटी ने आगे कहा कि ऐसे आयोजन में उनके सृजनात्मक पक्ष के साथ नमन करना आज के दौर में महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम में अपना सानिध्य देते हुए कवि-कथाकार कमल रंगा ने कहा कि बिस्मल-अशफ़ाक दो शरीर-एक आत्मा थे, साथ ही वे भाषायी समन्वय एवं हमारी सांझा संस्कृति के महान उपासक थे। जिन्होंने अपनी कलम एवं अपने शौर्य से देशहित में वो बलिदान दिया, जिससे आजादी के आंदोलन में एक नया तेवर आया और देश का नौजवान इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगा। प्रारंभ में स्वागत भाषण शायर कासिम बीकानेरी ने देते हुए कहा कि संस्था द्वारा इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जहां इन महान आत्माओं के कार्यो एवं त्याग, तप को नमन करना है, वहीं उन्हें समर्पित सृजनात्मक श्रद्धा व्यक्त करना भी है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए युवा कवि-कथाकार संजय पुरोहित ने बिस्मल एवं अशफ़ाक उल्ला के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर व्यापक प्रकाश डालते हुए उनके जांबाज कार्यो के साथ-साथ एक इंसान के रूप में उनसे जुडे़ कई प्रसंग सांझा किए।
कार्यक्रम में बिस्मिल एवं अशफ़ाक के साथ रोशन सिंह और राजेन्द्र लाहडी के साथ-साथ काकोरी की अमर घटना में शहीद हुए भारत मां के सपूतों एवं उनके अन्य साथियों को नमन कर उनके राष्ट्रीय प्रेम को स्मरण करते हुए उनके अमर रहने के उद्बोधन से पूरा परिसर गूंजायमान हो गया।
कार्यक्रम में बिस्मिल एवं अशफ़ाक के सृजनात्मक योगदान को नमन करते हुए उनकी कविता और शायरी का वाचन नगर के वरिष्ठ कवि-शायरों द्वारा किया गया। इसमें बिस्मिल की रचना से हमको लटकाएं अगर/सरकार फांसी……और ‘‘ मुन्तजिर रहते हैं हम खाक में मिल जाने को……की बहुत ही शानदार प्रस्तुति वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती प्रमिला गंगल ने देकर पूरे वातावरण को वीर रस से सराबोर कर दिया। वहीं बिस्मिल की अन्य रचनाओं का सस्वर पाठ करते हुए मनीषा आर्य सोनी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वरिष्ठ शायर बुनियाद हुसैन ने अशफाक की रचना जमीं दुश्मन/जमां दुश्मन/जो थे/पराये हुए और ये झगड़े और बखेड़े मेटकर/आपस में मिल जाओ की बहुत सुन्दर प्रस्तुति देते हुए रचनाकार की मूल भावना को संप्रेषित कर वाह-वाही लूटी। अशफ़ाक की रचना सीखा है हमने/लड़ने का नया तरीका/चलाओ गन मशीने/ सीमा के खड़े…… की प्रस्तुति देकर माहौल को गंभीर बना दिया। कार्यक्रम में बीकानेर के महान सपूत शहीद जेम्स थामस की माताश्री श्रीमती मैरी कुटटी थामस के आज अस्वस्थ होने के कारण उनको अर्पित करने वाला ‘‘बिस्मल-अशफाक सदभावना शिखर सम्मान’’ सरफरोश कार्यक्रम के दूसरे दिन आयोजित ‘काव्य संध्या’ में अतिथियों द्वारा प्रदत किया जायेगा। कार्यक्रम में शिवशंकर भादाणी, माजिद खां, बी.एल. नवीन, प्रमोद शर्मा, इंजि. आशा शर्मा, गौवर्द्धन चौमाल, रवि शुक्ल, डा. मेघना शर्मा, अबीरचन्द व्यास, पुखराज सोलंकी, अतुल आचार्य, मुरली के.माथुर, अयुब, शमशेर कायमखानी, घनश्याम सिंह, राकेश बिस्सा, शहबाज खान, लीलाधर बोहरा, श्यामसुन्दर हठीला, गिरीराज पारीक, डा.तुलसीराम मोदी, प्रमोद शर्मा, जाकिर अदीब, किशोर बांठिया, श्यामसुन्दर, कन्हैयालाल, मोहनलाल, शिवराम शर्मा, शेख उस्मान गौरी, हरिशंकर आचार्य, मईनुदीन कोहरी, अहमद हारुन, शहराजू खोखर, नरपत सांखला, मोहम्मद रमजान अब्बासी, अब्दुल रहमान, असद रजा भाटी, दीपक स्वामी, अरुण जोशी, मनोज व्यास, मोहन थानवी, विजय व्यास, राहुल व्यायस, अरविन्द थानवी, डा.मोहम्मद फारुख, एम.जहांगीर, मदन जैरी, मुनीन्द्र, अल्लाह बक्श, राकेश पारीक, जय भादाणी, श्रीगोपाल स्वर्णकार, अखाराम चैधरी, धमेन्द्र राठौड., इंजि. सैयद कासम अली, चन्द्रशेखर आचार्य सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपनी गरिमामय साक्षी दी। अंत में सभी का आभार आत्माराम भाटी ने ज्ञापित किया।
– मोहन थानवी

Uncategorized

शहीदों की कुर्बानी से नौजवान प्रेरणा लें

*खबरों में बीकानेर*

शहीदों की कुर्बानी से नौजवान
प्रेरणा लें
बहुजन समाज पार्टी की ओर से नूरानी
मस्जिद के पीछे शहीदों को खिराजे
अकीदत का कार्यक्रम रखा गया। मुख्य
अतिथि अता उल्ला ने कहा आज दिन
शहीद अशफाक उल्ला खान वारसी
और पंडित रामप्रसाद बिस्मिल देश की
आजादी के लिए हंसते हंसते फांसी के
झूले पर झूल गये। विशिष्ट अतिथि मो.
युसुफ, एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता
करते हुए अब्दुल सत्तार छींपा ने विचार
रखे। इस मौके पर मदरसों में
कुरानवानी करवाई, गरीब यतीमों को
खाना खिलाया तथा खिराजे अकीदत
कर दुआएं करवाई।
Uncategorized

श्री ॐ बन्ना टाइगर फोर्स के स्थापना दिवस पर उदट में लगेगा रक्तदान शिविर

बीकानेर । श्री ॐ बन्ना टाइगर फोर्स की बैठक व्यास कॉलोनी स्तिथ साइंस पार्क में आयोजित की गयी।
बैठक का संचालन करते हुए फोर्स के जिला संयोजक वीरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया की 30 दिसंबर 2017 को कोलायत तहसील के उदट ग्राम में फोर्स का पांचवां स्थापना दिवस मनाया जायेगा इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ साथ विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा हे
तत्पश्चात कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार करते हुए जिला अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह व जिला उपाध्यक्ष त्रिलोक सिंह सांखला ने सभी मंडल व वार्ड अध्यक्षों को कार्यक्रम की जिम्मेदारियां सौंपी।
बैठक में
मनोज सुथार
रघुवीर सिंह सिसोदिया
अक्षत सिंह
वीरू बन्ना
अजय मेड़तिया
विक्रम सिंह सिसोदिया
जितेंद्र लखेसर
रतन नाथ
निखिल शर्मा
छेलु सिंह रायसर
राहुल सिंह सांखला
राहुल सोनी
भादर सिंह राठोड
केलाश सेन
साहिल सिंह भाटी
छेलु सिंह खारा
विक्रम सिंह करनी नगर
आदि शामिल हुए।

Uncategorized

बीकानेर : सियासी हलकों में इंतजार के कई मायने

*खबरों में बीकानेर*/

बीकानेर 17/12/17। फोर्ट स्कूल मैदान; बीकानेर में आयोजित सुराज के 4 साल समारोह में केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल व वरिष्ठ विधायक डॉ गोपाल कृष्ण जोशी सहित जनप्रतिनिधियों व आमजन को समारोह की शुरुआत के लिए करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। स्पष्ट वजह तो यह रही कि उद्धाटन प्रभारी मंत्री रामप्रताप को करना था और वे अन्य कार्यक्रमों के चलते तय समय 12 बजे की बजाय समारोह स्थल पर एक बजे पहुंचे। मगर यवनिका ( पर्दे ) के पीछे राजनीति के जानकारों की फुसफुसाहट से जिले में दल में होती धड़ेबाजी की ओर इशारे और इंतजार के कई और मायने निकलते दिखे। और. … मगरे के शेर भी समारोह में नहीं दिखे। बीजेपी से जुड़े एक प्रकोष्ठ ने सरकार के इस वृहद और महत्वाकांक्षी समारोह के पैरेलल इसी समय के करीब अपना अलग ही मंच लगाया जिसमें भी कोहरा छाया देख सियासी जानकार होठों ही होठों में “अपलम-चपलम” फुसफुसाते दिखे।
✍🏽 *- मोहन थानवी*

*(2)*
*मंत्री ने चखा बेकरी आइटम*

फोर्ट स्कूल मैदान; बीकानेर में आयोजित सुराज के 4 साल प्रदर्शनी में महिला एवं बाल विकास विभाग की स्टॉल पर केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल व प्रभारी मंत्री रामप्रताप ने विभाग निदेशक रचना भाटिया से जानकारी ली तथा स्टॉल पर प्रदर्शित सामानों में से बेकरी उत्पाद चखे व सराहा ।

✍🏽… *और पूरा समाचार* 👇🏽

http://ajmernama.com/rajasthan/270594/

Uncategorized

आकाशवाणी  केंद्र , बीकानेर के सरकारी आवास पर अनाधिकृत कब्जे के खिलाफ़ विभागीय कार्यवाही में  न्यायालय ने किया दखल से इन्कार

आकाशवाणी केंद्र , बीकानेर के सरकारी आवास पर अनाधिकृत कब्जे के खिलाफ़ विभागीय कार्यवाही में न्यायालय ने किया दखल से इन्कार ।
सिविल न्यायिक मजिस्ट्रेट – 03 बीकानेर ने आकाशवाणी केंद्र , बीकानेर में पूर्व में कार्यरत अधिकारी की पत्नी श्रीमती शिवांगी मीणा द्वारा अपने पति के स्थानांतरण 23/ 06/ 2017 हो जाने के बावजूद आवास खाली नही करने हेतु न्यायालय में उक्त परिसर से बेदखली को रोकने बाबत चाहे गए अनुतोष के वाद में न्यायालय ने राहत देने एवं हस्तक्षेप करने के इन्कार कर दावा खारिज किया है ।
न्यायालय ने अपने आदेश में केंद्र सरकार की अचल संपत्ति के संबंध में सार्वजनिक परिसर (अनाधिकृत निवासी की बेदखली ) अधिनियम -1971 के प्रावधानानुसार वाद सुनने की अधिकारिता नही होने के आज्ञापक प्रावधानों का हवाला देते हुए वादिया द्वारा दिनांक 11.10 .2017 को प्रस्तुत वाद दिनांक 07.12.2017 नामंजूर कर दिया ।
आकाशवाणी केंद्र की ओर से पैरवी एडवोकेट अशोक भाटी (स्थाई अधिवक्ता, भारत सरकार ) ने की ।

– मोहन थानवी