आसमान कभी नहीं देता पनाह धरती के चोरों को

अच्छा है वो आसमान और बहुत अच्छी है धरा ये
दोस्त बनाए रखती है हवाएं भी इनको
तभी बरसता है प्रेम मिलता है हम सबको
बादलों ने रंगों से सजी धरा से इंद्रधनुष चुरा कर
इठलाकर मुस्कराना सीखा आसमान पर
हवाओं ने पकड़ी चोरी तेज तेज चल कर
बादलों ने शरमा के लौटा दिए सब रंग बरस कर
आसमान कभी नहीं देता पनाह धरती के चोरों को