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जांगिड़/सुथार समाज ने कसी कमर, निर्दलीय लड़ने की तैयारियां

जांगिड़/सुथार समाज की घोषणा :
समाज प्रतिनिधियों को टिकट नहीं देंगे तो निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव, पार्टियों का होगा वहिष्कार
श्रीविश्वकर्मा स्वाभिमान यात्रा, राजस्थान का स्वागत-सम्मान
( जांगिड़/सुथार समाज की राजनैतिक हिस्सेदारी हेतु निकली है यात्रा)
बीकानेर। श्रीविश्वकर्मा स्वाभिमान यात्रा, राजस्थान, के संयोजक नेमीचन्द शर्मा जांगिड़, मूल निवासी लाडपुरा नागौर हाल गांधीधाम गुजरात प्रवासी भामाशाह ने प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए बताया कि राजस्थान के सुथार/जांगिड़ समाज के स्वाभिमान के लिए 2 अक्टूबर गांधी जयन्ती से जयपुर से शुरु होकर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर होते हुए बीकानेर पहुंची है। राजस्थान के सुथार/जांगिड़ समाज की जनसंख्या देश व प्रदेश में 3 से 4 प्रतिशत व अन्य श्रीविश्वकर्मा वंशियों सहित 9 से 10 प्रतिशत है। इस जनसंख्या के आधार पर राजस्थान में प्रमुख राजनैतिक पार्टियों से कम से कम पांच से छह टिकिटों की हमारी मांग है। यदि भाजपा व कांग्रेस द्वारा हमारे समाज के प्रतिनिधियों को टिकिट नहीं दिये जाते है तो हम न सिर्फ निर्दलीय चुनाव लड़वायेंगे बल्कि इन पार्टियों के वहिष्कार का फतवा भी जारी करेंगे। जहां से सुथार/जांगिड़ समाज के प्रतिनिधि को टिकिट मिलेगा उसे समाज की ओर से पूर्ण सहयोग किया जायेगा तथा जो भी सक्षम प्रतिनिधि चुनाव में निर्दलिय भी खड़ा होगा तो सामाजिक संस्थाओं द्वारा सहयोग किया जायेगा। श्रीविश्वकर्मा स्वाभिमान यात्रा का समापन 22 अक्टूबर को जयपुर में एक बड़े समारोह में किया जायेगा। इस समारोह में प्रदेश से सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
श्रीविश्वकर्मा स्वाभिमान यात्रा, राजस्थान, के बीकानेर आगमन पर उरमूल सर्किल बीकानेर पर जिले की श्रीविश्वकर्मा समाज की संस्थाओं की ओर से एकत्रित होकर स्वागत सत्कार किया गया तथा वहां से वाहन रैली चौखूंटी पुल होते हुए जस्सूसर गेट के आगे से श्रीविश्वकर्मा द्वार के अन्दर कालीजी मन्दिर के सामने, श्रीविश्वकर्मा उद्यान तक गई। भगवान विश्वकर्मा के जयकारे लगाते हुए सैकड़ों समाज बंधुओं द्वारा रैली में भाग लिया गया। श्रीविश्वकर्मा सुथार/जांगिड़ समाज संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं प्रबुद्धजनों की ओर से यात्रा के संयोजक नेमीचन्द शर्मा, संचालक गितेश जांगिड़, सलाहकार ओमप्रकाश चोयल, यात्रा के बीकानेर संभाग प्रभारी महेश राजोतिया, यात्रा के बीकानेर जिला प्रभारी सतपाल जांगिड़, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामगोपाल सुथार एवं अन्य प्रतिनिधयों भव्य स्वागत सत्कार श्रीविश्वकर्मा द्वार में श्रीविश्वकर्मा उद्यान में किया गया। सभा को सम्बोधित करते हुए यात्रा के संयोजक नेमीचन्द शर्मा ने कहा कि यात्रा राजस्थान के सभी जिलों में जाकर समाज बंधुओं में राजनैतिक हिस्सेदारी के लिए अलख जगाने का कार्य कर चुकी है। यात्रा का समापन 22 अक्टूबर को जयपुर में राज्य स्तरीय समारोह में किया जायेगा। समाज की राजनैतिक हिस्सेदारी के लिए 25 से 30 अक्टूबर के मध्य जितने भी पत्र समाज की संस्थाओं व संभावित प्रत्याशियों से प्राप्त होंगे उन्हें भाजपा, कांग्रेस व अन्य पार्टियों के उच्च पदाधिकारियों को देकर समाज की राजनैतिक प्रतिनिधित्व की मांग की जायेगी।
श्रीविश्वकर्मा स्वाभिमान यात्रा, राजस्थान का स्वागत-सम्मान करने के लिए बीकानेर श्रीविश्वकर्मा सेवा संघ संस्थान, अन्न क्षेत्र कमेटी, अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा शाखा बीकानेर, अखिल भारतीय जांगिड़ महासभा दिल्ली, श्रीविश्वकर्मा सूत्रधार सम्पति टस्ट, सुथारान विकास समिति, श्रीविश्वकर्मा सुथार समाज सामुहिक विवाह समिति, श्रीविश्वकर्मा मंच, जांगिड़ समाज समिति शिव वैली, सुथार छात्रावास बीकानेर, श्रीविश्वकर्मा सुथार एकता फोर्स बीकानेर व अन्य संस्थाओं के पदाधिकारी तथा समाज के गणमान्यजनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
– ✍️ मोहन थानवी
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खबरों में बीकानेर 🎤 : समकालीन और कालजयी हैं डाक विभाग की सेवाएं

PC

समकालीन और कालजयी हैं डाक विभाग की सेवाएं

( लिखें चिट्ठी, मिल सकता है 50,000 रुपए का पुरस्कार)

बीकानेर । करीब 165 वर्ष के होने जा रहे भारतीय डाक विभाग की सेवाएं न सिर्फ समकालीन हैं वरन् कालजयी भी हैं। डाक विभाग ने प्रयेक परिवर्तन काल का उपयोग अपनी सेवाओं को परी शोधित और विस्तारित करते हुए किया है इसका उदाहरण यही है कि आज के डिजिटल युग में भी डाक विभाग अपनी सेवाओं को ना सिर्फ मेट्रो सिटीज बल्कि हमारे देश के कोने-कोने में दूरस्थ गांवों तक पहुंचा रहा है। यह कहा डाक विभाग पश्चिम के डी पी एच मीणा ने। वे बीकानेर में वार्षिक निरीक्षण पर पहुंचे व इस अवसर पर आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थेहै। मुख्य डाकघर में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने विभाग के कार्य व उपलब्धियां गिनाई । उनका कहना था कि डाक विभाग का नेटवर्क गावों में दूर दूर तक फैला है। डाक विभाग में शुरू से ही सेवा की भावना प्रबल रही है। समय के साथ डाक में भी कार्यभार बढ़ रहा है। हम पासपोर्ट, आधार से लेकर अनेक सेवाओं का लाभ आमजन को दे रहे है। शहर में एक भवन में दो क्षेत्रों के डाकघर चलने, पासबुकें जारी न होने, डाकघरों में एजेंटों को तरजीह देने आदि कुछ समस्यायों का जिक्र खबरों में बीकानेर के मोहन थानवी द्वारा करने पर उन्होंने अधिकारी को नियम विरुद्ध गतिविधियां रोकने, क्षेत्रवार डाक घर संचालित करने संबंधी निर्देश दिए। व्यवस्थागत कुछ और कमियां बताने पर उन्होंने स्वीकार किया व कहा कि कमियों को यथासंभव दूर किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने अनेक उपलब्धियों व योजनाओं के बारे में बताया व दावा किया कि 2019 में डाक विभाग अपने निखरे हुए रूप में नवभारत निर्माण में अपनी भूमिका प्रमुखता से निभाता मिलेगा। इस अवसर पर डाक अधीक्षक बी एल बुनकर भी मौजूद थे।

पत्र लिखो हजारों के पुरस्कार जीतो

डाक विभाग ने डिजिटल दौर के इस युग में बच्चों – बड़ों में पत्र लेखन रुचि जाग्रत करने के लिए ‘ढाई आखर’ अभियान के तहत ‘मेरे देश के नाम खत’ नाम से पत्र लेखन प्रतियोगिता शुरू की है। अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2018 तय की गई है। दो वर्गों की इस प्रतियोगिता के विजेताओं को 10 हजार से 50 हजार रुपए तक के पुरस्कार मिल सकते हैं। उन्‍होंने मोहन थानवी (खबरों में बीकानेर) को बताया कि प्रतिभागी विद्यार्थियों को देश के नाम अंतर्देशीय पत्र या पन्ने पर चिट्ठी लिख कर लिफाफे में डाक विभाग के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल जयपुर के नाम से भेजना होगा । प्रतिभागी अधिक जानकारी के लिए शहर के प्रधान डाकघर या अधीक्षक डाकघर में संपर्क कर सकते हैं। यह योजना रवींद्रनाथ ठाकुर रचित ‘आमार देशेर माटी’ से प्रेरित है। राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर पर जूनियर व सीनियर दोनों वर्गों में अंतरदेशीय पत्र 500 शब्द में व लिफाफे में 1 हजार शब्दों की दो उप श्रेणियां रखी गई हैं। इसमें प्रांत स्तर पर 25 हजार व राष्ट्रीय स्तर पर 50 हजार रुपए का प्रथम पुरस्कार का प्रावधान है

– मोहन थानवी

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खबरों में बीकानेर 🎤 : मतदाताओं की मंशा की थाह नहीं, लहर नदारद, हवा के रुख का भी आभास नहीं

खबरों में बीकानेर 🎤

मतदाताओं की मंशा की थाह नहीं, लहर नदारद, हवा के रुख का भी आभास नहीं

( आकड़ों के जाल में लहर नदारद, हवा के रुख का आभास भी नहीं)

. ✍️ मोहन थानवी

आंकड़ों के मकड़जाल से कौन सी राजनीतिक पार्टी बाहर निकल सकेगी यह तो मतगणना के बाद परिणाम घोषित होने पर पता चलेगा। किंतु भावी प्रत्याशियों और लगभग सभी राजनीतिक दलों को बीकानेर जिले की मतदाताओं की मंशा जानने की जो उत्सुकता है उसमें पिछले चुनाव के मुकाबले में बढ़े हुए 20% मतदाताओं ने और रोचकता पैदा कर दी है। राजनीति के जानकार यह बात पुख्ता तौर पर कहते सुने जा रहे हैं बीकानेर जिले की 7 विधानसभा सीटों पर इस बार के विधानसभा चुनावों में परिणाम अप्रत्याशित रहेंगे। क्योंकि जो 20% मतदाता बढ़े हुए हैं उनकी और बदली हुई परिस्थितियों में बीते चुनावों में मतदान करने वाले मतदाताओं की मंशा अब तक सामने नहीं आ सकी है। लेकिन युवा मतदाताओं को राजनीतिक जगत में हो रही गतिविधियों के प्रति उत्सुकता है और उनके रुझान को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भाजपा और कांग्रेस के अलावा तीसरा मोर्चा खड़ा करने का दावा करने वाले जो नेता मैदान में उतर रहे हैं उनकी ओर भी युवा मतदाताओं ने अपनी रुचि प्रदर्शित की है। आकड़ों का जाल बताता है कि जिले की 7 विधानसभा सीटों पर कुल करीब करीब 20% बढ़े हुए सहित कुल 15 लाख 61 हजार 294 मतदाताओं के मुकाबले गत विधानसभा चुनाव में जिले में कुल 13 लाख 17 हजार 830 मतदाता थे। जिले में 75.74 प्रतिशत मतदान हुआ तथा 9 लाख 96 हजार 761 मतदाताओं ने वोट डाले। नोखा विधान सभा क्षेत्र में सर्वाधिक मतदान हुआ जहां 79.02 प्रतिशत मत डाले गए। डूंगरगढ़ में सर्वाधिक पुरूष मतदाताओं ने डाले वोट जहां पुरूष मतदान 80.50 प्रतिशत रहा। नोखा में सर्वाधिक महिलाओं ने वोट डाले जहां, 77.77 महिला का वोटिंग टर्न आउट प्रतिशत रहा। जबकि इस बार करीब 20% बढ़े हुए मतदाताओं के साथ विधानसभा चुनाव 2018 में जिले में कुल 15 लाख 61 हजार 294 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। इनमें 8 लाख 25 हजार 235 पुरूष मतदाता तथा 7 लाख 36 हजार 59 महिला मतदाता शामिल है। यह तय है की बढ़ी हुई मतदाताओं की संख्या का प्रभाव तो चुनाव परिणामों पर पड़ेगा ही साथ ही यह भी स्पष्ट है की राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में माहौल पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले कुछ बदला हुआ है । उस वक्त भाजपा के पक्ष में हवाएं चल रही थी । जबकि इस बार नाम मात्र की हवा भी भाजपा के पक्ष में नजर नहीं आ रही है। किंतु इसका यह अर्थ भी नहीं कि कांग्रेस के पक्ष में हवाएं चल रही है। इस बार हवा का रुख किसी के भी पक्ष में नजर नहीं आ रहा और यही स्थिति राजनीतिक हलकों में विश्लेषण का विषय बनी हुई है।

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चूहों वाली देवी करणी माता के मंदिर, देशनोक में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

चूहों वाली देवी करणी माता के मंदिर, देशनोक में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब https://youtu.be/z-_M–fEq3c via @YouTube

बीकानेर । करणी माता धाम देशनोक जैसे चूहों वाली देवी माता का मंदिर भी कहा जाता है। नवरात्र छठ के दिन 14 अक्टूबर सन 2018 रविवार को हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए । शाम के 4:00 बजे के आसपास देवी माता के मंदिर परिसर में खड़े लोगों की संख्या लगभग एक हजार रही। श्रद्धालुओं ने देवी माता के दर्शन करने के साथ-साथ सफेद काबा के भी दर्शन किए । काबा मतलब चूहे। यहांं असंख्य काबा घूमते रहते हैं। – ✍️ मोहन थानवी

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खबरों में बीकानेर 🎤 : सरकारी स्कूलों के भी होंगे ट्विटर अकाउंट -✍️ जयनारायण बिस्सा

सरकारी स्कूलों के भी होंगे ट्विटर अकाउंट
-✍️ जयनारायण बिस्सा
बीकानेर। शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों के स्तर को निजी स्कूलों के स्तर तक पहु ंचाने के लिए नित नए प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन में बढ़ोत्तरी हो सके। इसके लिए विभाग ने अब प्रदेश के समस्त सरकारी स्कूलों के संस्था प्रधानों को स्कूल के ट्विटर अकाउंट खोले जाने के आदेश दिए हैं। ट्विटर पर सरकारी स्कूलों के आने से निजी स्कूलों की तरह व्यापक प्रचार प्रसार होने के साथ ही सरकारी स्कूलों के संस्था प्रधान भी टेक्नोलॉजी से जुड़ेंगे। विभाग का इस पहल को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाना, स्कूल की भौतिक व्यवस्था में बदलाव लाना, दूरदराज के स्कूलों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना है। अधिकारियों की मानें तो अकाउंट खुलने से किसी भी जगह से कोई भी व्यक्ति सरकारी स्कूलों में होने वाली गतिविधियों व भौतिक सुविधाओं को देख सकेगा। इसके लिए समस्त संस्था प्रधानों को जिला शिक्षा अधिक ारी की ओर से आदेश जारी कर दिए गए है।
इन जानकारियों को करना है अपलोड
विभाग की ओर से पहली बार किये जा रहे इस नवाचार में मुख्य रूप से स्कूल में प्रतिवर्ष होने वाली गतिविधियां, स्कूल में उपलब्ध भौतिक सुविधाएं, शैक्षणिक स्तर, शिक्षकों के नाम, विद्यार्थियों की संख्या, स्कूल के फोन नंबर, कक्षा 12वीं व 10वीं में स्कूल का परीक्षा परिणाम, स्कूल का खेल मैदान आदि जानकारी अपलोड करनी है। पूर्व में यह समस्त जानकारियां वैसे शाला दपर्ण, शाला दर्शन, शाला सिद्धि आदि विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। लेकिन इस पर स्कूलों की जानकारी विद्यालय के शिक्षक या अधिकारी ही देख व प्राप्त कर सकते है। लेकि न स्कूल के ट्विटर अकाउंट खुलने के बाद अब आमजन भी स्कूलों की जानकारी प्राप्त कर सकता है।
जिले की 415 स्कूलों के होंगे ट्विटर अकांउट
शिक्षा विभाग की इस नई पहल के बाद ट्विटर अकांउट खोले जाने की जिम्मेदारी संस्था प्रधानों को दी गई है। जहां जिले के 415 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों की जानकारी ट्विटर होंगी। अधिकारियों ने बताया कि विभाग की ओर से अब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की स्कूल ड्रेस में बदलाव, टाई, ब्लेटर व विद्यार्थियों का आइ डी कार्ड होना आदि महत्वपूर्ण जानकारी किसी भी जगह से बैठे कर कोई भी व्यक्ति आसानी से देख सकेगा।