एमजीएसयू में शैक्षिक आचरण एवं सत्यनिष्ठा पर कार्यशाला 4 अगस्त को

खबरों में बीकानेर /// 

बीकानेर, 03 अगस्त 2017। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के द्वारा शैक्षिक आचरण एवं सत्यनिष्ठा (एकेडेमिक इथिक्स एण्ड इन्टिग्रिटी) पर 4 अगस्त, 2017 को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा। यह कार्यशाला माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति, महाराजा गंगासिंह के निर्देश पर आयोजित की जा रही है। 

कार्यशाला के संबन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए संयोजक प्रो. एस.के. अग्रवाल ने बताया कि कार्यशाला में उद्घाटन एवं समापन सत्र के अलावा तीन तकनीकी सत्र होंगे। इन सत्रों में साइबर अपराध एवं कॉपी राइटस एवं साहित्यिक चोरी (प्लेजेरियम) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होंगी। इस कार्यशाला में राज्य में स्थित विश्वविद्यालयों के कुलपति द्वारा प्रतिनियुक्त वरिष्ठ आचार्य एवं बीकानेर संभाग में स्थित महाविद्यालयों के प्राचार्य सहित कुल 150 प्रतिनिधियों के भाग लेंगे।  

उद्घाटन सत्र 4 अगस्त को प्रातः 10 बजे से होगा। पंजीकरण प्रात्ः 9 से 10.00 बजे तक होगा। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भागीरथ सिंह करेंगे एवं बीज वक्ता पेसिफिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.पी. शर्मा होंगे। एक विशेष सत्र साइबर सुरक्षा पर आधारित होगा जिसमें मुख्य वक्ता भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. सी.बी. शर्मा होंगे। साहित्यिक चोरी (प्लेजेरियम विषय) पर राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के प्रो. सुधीर रानीवाला का एक विशेष व्याख्यान होगा। कार्यशाला में सभी प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु उनके सुझावों को एक प्रारूप के माध्यम से भी एकत्र किया जायेगा। कार्यशाला के सुझावों पर एक विस्तृत रिपोर्ट बनाकर माननीय कुलाधिपति को प्रेषित किया जायेगा। 

– मोहन थानवी

बीकानेर में फोटोग्राफी के स्तंभ बिस्सा परिवार द्वारा माॅडर्न मीडिया का शुभारम्भ

बीकानेर में फोटोग्राफी के स्तंभ बिस्सा परिवार द्वारा माॅडर्न मीडिया का शुभारम्भ

– मोहन थानवी 
*बीकानेर, 9 जुलाई 2017। बीकानेर में फोटोग्राफी के स्तंभ  बिस्सा परिवार द्वारा 20वीं सदी के मध्य से संचालित मॉडर्न स्टूडियो को 21वीं सदी के आरंभ में ही अत्याधुनिक तकनीकी से समृद्ध करने के सफल उपक्रम में आज एक और नया आयाम स्थापित किया गया। मॉडर्न मीडिया के जोशीवाड़ा स्थित प्रतिष्ठान का शुभारम्भ रविवार को पुष्करण सहकारी बैंक के डायरेक्टर एल. एन. बिस्सा, राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार एस. पी. पुरोहित, कमला देवी बोहरा, सरला देवी और पुष्पादेवी बिस्सा ने किया। इस अवसर पर जेठमल बिस्सा, जुगल किशोर, कर्मचारी नेता के. के. बोहरा, वरिष्ठ छायाकार चोरूलाल सुथार, गणेश आचार्य, के.पी. बिस्सा आदि मौजूद थे। प्रतिष्ठान संचालक श्याम बिस्सा एवं बी.जी. बिस्सा ने बताया कि कम्प्यूटर जाॅब वर्क, पाॅर्टफाॅलियो शूट, प्रीवेडिंग शूट, कलर फोटोग्राफी एवं कलर फोटो काॅपियर सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मौजूद गणमान्यों ने बिस्सा परिवार को बधाइयां व शुभ कामनाएं दी। 

– मोहन थानवी

कपड़ा व्यापारी दुकानें रखेंगे बंद; कोटगेट पर करेंगे प्रदर्शन

वित्त मंत्री के कथित वक्तव्य का विरोध

बीकानेर 4 जुलाई 2017 ।  कपड़ा व्यापारियों का 5/7/17 को कोटगेट पर प्रदर्शन और दुकानें बंद रखने की घोषणा  की गई है। इस बारे में हुई मीटिंग में सभी कपड़ा व्यापारी शामिल हुए और सूरत में हुए लाठीचार्ज को बर्बरतापूर्वक की गई कार्यवाही बताया। घनश्याम लखाणी ने बताया कि  कपड़ा व्यापारियों पर सरकार द्वारा लाठी चार्ज किया गया और अरुण जेटली वित्त मंत्री द्वारा हिंदुस्तान के 90%व्यापारियों को चोर घोषित किया गया उसके विरोध में बीकानेर कपड़ा व्यवसायी संघ 5 जुलाई से अनिश्चितकालीन बंद की ओर जा रहे हैं इसलिए सभी कपड़ा व्यापारियो से अपील की है कि 5 जुलाई से अपनी अपनी दुकानें अनिश्चितकालीन बंद रखे ।  इस दौरान कपड़ा व्यापारियों का कोटगेट पर धरना प्रदर्शन होगा । लखाणी ने कहा कि हम सरकार से जानना चाहते है अगर कपड़ा व्यापारी चोर होता तो देश इतना विकास कैसे करता इस बात का जवाब जेटली जी को देना पड़ेगा या फिर सार्वजनिक रूप से सभी व्यापारियों से माफी मांगे नहीं तो प्रधानमंत्री जी से आग्रह है जेटली जी को तुरंत प्रभाव से मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें अन्यथा इसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा ।  मीटिंग मे सत्यनारायण डागा संजीव अरोड़ा घनश्याम लखाणी विजय कोचर हरिश नाहटा गौरीशंकर अग्रवाल शांतिलाल बांठिया जगदीश गंगवानी जाकिर हुसैन आदि प्रमुख कपड़ा व्यापारी उपस्थित थे  । 

– मोहन थानवी

क्यों होता है ऐसा… !!!

क्यों होता है ऐसा… !!!
रातों को जाग कर… अंधेरे में नाचते झिलमिलाते झिंगुरों के गीतों पर झूमते… मनोमस्तिष्क में उभरते रंगबिरंगे शब्दों को खुद ब खुद आकार मिलता जाता है… दिनकर की आहट पर नभचरों की चहचहाहट सुनता हूं तो कागज पर उकेरे शब्द स्वागत करते हैं। … क्यों होता है ऐसा… !!!

श्रम को मत शर्मसार करो

श्रम दिवस है
श्रम को मत शर्मसार करो 
श्रमिक तोड़ता है चट्टानें और घमंडी का घमंड
श्रमिकों की संवेदनाओं से मत खेलो
हथेलियों पर उभरी लकीरों से नहीं बनते मैदान
पहाड़ों को काटने वाली लकीरविहीन हथेलियों को पहचानो
जान लो क्यों है श्रमिक की ऐड़ियों में बिवाई
श्रम को मत शर्मसार करो

मां मां

मां के चरणों में मिला स्वर्ग
मां के वरदहस्त से हर्ष
मां से पाया धरा ने धैर्य
मां से देवों ने ली किलकारी
मां ही देवी जगत जननी
मां बिन नहीं स्वर्ग में सुख
मां बिन नहीं हर्ष का स्पर्श
मां का आशीष ही गर्व
मां का आंचल ही सुख
मां ही आन बान और शान
मां ही देती ज्ञान
मां गुरु मां ही भगवान
मां ही जीवन की मुस्कान
– मोहन थानवी 13 मई 2012

सच ये ही सच

पहाड़ रचयिता ने रचे तो ऊंट भी हैं। समन्दर की लहरों से अटखेलियां करती ह्वेल को भी प्राण दिए हैं। हाथी के लिए मण और चींटी को कण से तृप्त होने का सामर्थ्य देने वाला भी वही रचनाकार है। जगत की असंख्य और अकल्पनीय रचनाओं का साक्षात कराने वाला ही तो है वो। जानता हूं ; यही वजह है कि धैर्य मेरा संगी – साथी है । संतोष जुदा नहीं होता। दु:ख – चिंता जरूर सांसारिक होने का भान कराते हैं मगर जल्दी ही फिर उमंग – तरंग में प्रवाह का अवसर भी मेरी मुट्ठियों में होता है। ऐसे में भला रचयिता से शिकायत कैसे करूं? किसीकी भी क्योंकर करूं।