स्थापना दिवस पर ॐ बन्ना टाइगर फोर्स का सम्मान उदट में होगा

*खबरों में बीकानेर*/

बीकानेर। स्थापना दिवस पर ॐ बन्ना टाइगर फोर्स; बीकानेर का सम्मान उदट में होगा। स्थापना दिवस समारोह में बीकानेर से महिलाओं समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। यह जानकारी फोर्स की कामिनी भोजक के आतिथ्य में हुई बैठक में दी गई। जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह अमरसर; शहर अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह; प्रदेश संयोजक मनोज सुथार ने कामिनी भोजक का बुके प्रदान कर स्वागत किया। कामिनी ने जिले से महिला शक्ति का समारोह में भाग लेने का भरोसा दिलाया तथा आह्वान किया। संचालक जिला संयोजक वीरेन्द्र सिंह ने फोर्स की सभी टीमों के द्वारा समारोह में पहुंचने की जानकारी देते हुए समारोह की रूपरेखा बताई। जिला फोर्स का सम्मान बीते वर्षों में सराहनीय कार्य करने पर किया जाएगा। बैठक में त्रिलोक सिंह; रघुवीर उपाध्याय; छेलुसिंह खारा; राहुल सोनी; राहुल सिंह; सूर्यवीर सिंह आदि ने उदट में मनाए जाने वाले स्थापना दिवस समारोह में बीकानेर से अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जनसंपर्क अभियान का श्रीगणेश हनुमान हत्था; पंचशति सर्किल और इंदिरा कालोनी से करने की बात कही।
– मोहन थानवी

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माटी की गंध विश्वमानव तक पहुंचाने वाले कवि डा. नीरज दइया को राजस्थानी भाषा का गौरीशंकर कमलेश स्मृति सम्मान

*खबरों में बीकानेर*/

बीकानेर / कोटा 11 दिसम्बर 2017। कोटा इस वर्ष का प्रतिष्ठित गौरीशंकर कमलेश स्मृति राजस्थानी भाषा पुरस्कार डा. नीरज दइया को उनकी राजस्थानी काव्य-कृति “पाछो कुण आसी” के लिए अर्पित किया जाएगा। ज्ञान भारती संस्था की निदेशक कमला कमलेश ने बताया कि स्व. गौरीशंकर कमलेश स्मृति राजस्थानी भाषा पुरस्कार एवं सम्मान समारोह शनिवार 23 दिसम्बर को ज्ञान भारती संस्था इन्द्रा मार्केट की नई बिल्डिंग में सुबह 11 बजे आयोजित होगा। इस सम्मान के अंतर्गत डा. दइया को रु11.000 नकद, सम्मान पत्र, शाल एवं श्रीफल भेंट कर संस्था द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
ज्ञान भारती संस्था के सचिव सुरेन्द्र शर्मा एडवोकेट ने बताया कि काव्य विधा अंतर्गत यह पुरस्कार पूर्व में डा. भगवती व्यास, श्याम महर्षि, अम्बिकादत्त आदि को प्रदान किया जा चुका है।
माटी की गंध विश्वमानव तक पहुंचाती कविताएं
निर्णायक समिति के अनुसार पुरस्कृत कृति “पाछो कुण आसी” में विगत से जुड़े रहकर नई चुनौतियों का सामना करने की संभावनाओं को तलाश करती कविताएं है। जो राजस्थानी माटी से जुड़कर विश्व मानवता से अपने भावक को जोड़ती है। पुरस्कार समिति के सचिव जितेंद्र निर्मोही ने बताया कि डा. नीरज दइया राजस्थानी एवं हिन्दी दोनों भाषाओं में समान रूप से विगत तीन दशक से सक्रिय हैं। डा. दइया नये तेवर के राजस्थानी भाषा के समालोचक हैं जिन्हें अनेक पुरस्कार एंव मान-सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
– मोहन थानवी

बीकानेर में 40 करोड़ लीटर अतिरिक्त वर्षा जल भंडारण की क्षमता विकसित होगी

*खबरों में बीकानेर*/

बीकानेर, 7 दिसम्बर 2017। लगभग 40 करोड़ लीटर अतिरिक्त वर्षा जल भंडारण की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य और लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान का तृतीय चरण शनिवार 9 दिसंबर 17 को लूनकरनसर के सहजरासर में जिला स्तरीय समारोह के साथ प्रारम्भ होगा। इस चरण में 15 ग्राम पंचायतों के 25 गांवों में जल संरक्षण से जुड़े 31 कार्य प्रारंभ होंगे। इनमें 4270 टांका एवं रूफ टाॅप वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, 17 तालाबों एवं जोहड़ के नवीनीकरण अथवा निर्माण, 55 डिग्गी अथवा जलहौज का निर्माण, वनीकरण एवं वृक्षकुंज के 28 तथा 51 अन्य कार्य प्रस्तावित हैं। समारोह में जल संसाधन मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री डाॅ. रामप्रताप, संसदीय सचिव डाॅ. विश्वनाथ मेघवाल, लूनकरनसर विधायक मानिक चंद सुराणा, प्रमुख शासन सचिव तथा जिला प्रभारी सचिव श्रीमती नीलकमल दरबारी आदि जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहेंगे। यह जानकारी देते हुए जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि तृतीय चरण की शुरुआत ‘पक्का जोहड़ जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण’ के साथ होगी।
तीसरे चरण में जिले में अब तक 52.64 करोड़ रुपये की लागत के 4;421 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इनकी डीपीआर लगभग तैयार कर ली गई है तथा इन कार्यों को जून 2018 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रेसवार्ता में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजीत सिंह राजावत, अधीक्षण अभियंता (जलग्रहण) भागीरथ विश्नोई मौजूद रहे।
विभिन्न वर्गों का मिला सहयोग
जिला कलक्टर ने बताया कि अभियान में सामाजिक-धार्मिक संगठनों, स्वयंसेवी तथा वाणिज्यिक संस्थाओं, कम्पनियों, सरकारी विभागों, सेना तथा अर्द्धसैनिक बलों, पुलिस तथा जनसामान्य को भी सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। जिले में प्रथम चरण में लगभग 69.36 लाख तथा द्वितीय चरण में 116.70 लाख रू. का नकद एवं कार्य संपादन के रूप में सहयोग प्राप्त हुआ। इनमें नेयवेली लिग्नाइट काॅर्पोरेशन द्वारा दोनों चरणों में 107.50 लाख रू. के कार्य स्वयं के संसाधनों द्वारा संपादित किए गए। इनके अलावा नरसी कुलरिया ने 21.00 लाख तथा बीकाजी फूड काॅर्पोरेशन ने 6 लाख रुपये का नकद योगदान दिया।
– मोहन थानवी

आशुभाषण स्पर्धा : डूँगर कॉलेज के रामनिवास राजपुरोहित प्रथम बेसिक के गौरी शंकर जोशी द्वितीय; एमएस कॉलेज की विद्या भाटी तृतीय

डूँगर महाविद्यालय में जिलास्तरीय स्पर्धा सम्पन्न

बीकानेर, 6 दिसम्बर। राजस्थान सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं पर आधारित दो जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन आयुक्तालय, महाविद्यालय शिक्षा के निर्देशानुसार डूँगर महाविद्यालय में सम्पन्न हुआ।

प्राचार्य डॉ. बेला भनोत तथा सहायक निदेशक डॉ. दिग्विजय सिंह शेखावत ने दीप प्रज्वलित कर प्रतियोगिताओं का उद्घाटन किया। आशुभाषण स्पर्धा में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें डूँगर महाविद्यालय के रामनिवास राजपुरोहित ने प्रथम स्थान अर्जित किया। द्वितीय स्थान पर बेसिक कॉलेज के गौरी शंकर जोशी रहे तथा तृतीय स्थान महारानी सुदर्शन महाविद्यालय की विद्या भाटी ने प्राप्त किया।

जिलास्तर की निबन्ध प्रतियोगिता भी आयोजित हुई जिसमें प्रतिभागियों ने राजस्थान सरकार की ‘भामाशाह योजना’ विषय पर अपने निबन्ध प्रस्तुत किये। इस स्पर्धा में प्रथम स्थान नेहरू शारदा पीठ के मनोज कुमार ने प्राप्त किया और डूँगर महाविद्यालय के हीराराम तथा रूपनाथ सिद्ध ने क्रमशः द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम तीन विजेताओं को जिला-प्रशासन के स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा।

स्पर्धा में डॉ. इन्द्रा विश्नोई, डॉ, अनिला पुरोहित तथा डॉ. संजु श्रीमाली ने निर्णायक की भूमिका का निर्वहन किया। डॉ. प्रकाश अमरावत के संयोजकत्व में सम्पन्न इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजनारायण व्यास ने किया। अन्त में डॉ सुमन लता मैनराय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

– मोहन थानवी

सात खिलाड़ी 7 ओवरों वाले रोमांचक क्रिकेट टूर्नामेंट में विजेता टीमों को कुल 40 लाख रुपए के ईनाम

सात ओवरों में आर-पार; कुल 40 लाख के इनाम
( श्रीराम प्लेयर्स की टीम ने धरणीधर की टीम को हरा बनी विजेता )
बीकानेर। वंडर सीमेंट साथ:7 क्रिकेट महोत्सव में बीकानेर सहित 298 स्थानों पर तहसील स्तरीय मैच का फाईनल सफलतापूर्वक खेला गया। रविवार को बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज खेल मैदान में हुए तहसील स्तरीय फाईनल मैच में श्रीराम प्लेयर्स ने धरणीधर की टीम को हराया। पहले खेलते हुए धरणीधर की टीम ने निर्धारित सात ओवरों में 54 रन बनाकर ऑल आऊट हो गयी। लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीराम प्लेयर्स की टीम ने छठे ओवर में विजयी लक्ष्य हासिल कर लिया। बतौर अतिथि पहुंचे सेवानिवृत्त तहसीलदार गोपीकिशन, सत्यनारायण उपाध्याय, क्रिकेट प्रतियोगिता के कोर्डिनेटर राजीव शर्मा, आशीष पावा, गजेंद्र उपाध्याय ने श्रीराम प्लेयर्स की टीम को सात हजार रुपए का चैक, ट्रॉफी प्रदान की। क्रिकेट कमेंट्री राजीव शर्मा ने की।
सात ओवरों में आर-पार; कुल 40 लाख के इनाम
जिला स्तर पर पहुंचने वाली प्रत्येक टीम को टी-शर्ट, लोअर, कैप दिए जाएंगे। जानकारी में रहे कि वंडर सीमेंट साथ:7 क्रिकेट महोत्सव 2017 क्रिकेट से जुड़ा विश्व का सबसे बड़ा उपभोक्ता समावेशी अभियान है, जहां भारत के तीन बजे राज्य राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात से 48 हजार लोग हिस्सा लेंगे। यह सात खिलाड़ी 7 ओवरों वाला रोमांचक खेल है जो हमारे राज्यों के सभी इलाकों के लोगों को मैदान में उतरकर अपनी प्रतिभा दिखाने का और अपने क्रिकेट के सपनों को हकीकत में बदलने का मौका होगा। तहसील स्तर से फाईनल तक टूर्नामेंट में विजेता टीमों को कुल 40 लाख रुपए के ईनाम

दिए जाएंगे, जिसमें प्रतियोगिता जीतने वाली टीम को साढ़े तीन लाख रुपए का ईनाम दिया जाएगा।

– मोहन थानवी

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पर 52.24 करोड़ रुपये का जुर्माना

*भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के ब्रॉडकास्टरों को यह आश्वासन दिया था कि वह 10 वर्षों तक आईपीएल प्रतिस्पर्धा के अनुरूप किसी भी अन्य व्यावसायिक घरेलू भारतीय टी-20 प्रतिस्पर्धा का आयोजन, मंजूरी, मान्यता या समर्थन नहीं देगा। इसके मद्देनजर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) का कहना है कि क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 4 (1) और धारा 4 (2) (सी) का उल्लंघन कर रहा है।
सीसीआई के महानिदेशक द्वारा की गयी विस्तृत जांच में पता लगा है कि बीसीसीआई भारत में व्यावसायिक घरेलू क्रिकेट लीग/खेलों के क्षेत्र में दबदबा रखता है। उसकी गतिविधियों को देखते हुए उसके ऊपर अधिनियम के प्रावधान लागू होते हैं। खेल परिसंघों की भूमिका को देखते हुए और देश में खेलों के विकास के लिए उपरोक्त बाध्यता क्रिकेट के हित में नहीं है। इसके अलावा बाध्यता इसलिए लगाई गयी ताकि आईपीएल के प्रसारण अधिकारों के संबंध में बोली लगाने वालों के व्यापार हितों को बढ़ावा मिले। इसलिए पाया गया है कि इसमें प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 4 (1) और धारा 4 (2) (सी) का उल्लंघन हो रहा है। सीसीआई ने निम्नलिखित निर्देश दिये हैं-
1. बीसीसीआई अधिनियम की धारा 4 का उल्लंघन करने वाली गतिविधियां नहीं करेगा।
2. बीसीसीआई गैर-सदस्यों द्वारा व्यावसायिक घरेलू क्रिकेट लीग/प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए बाध्यता नहीं लगायेगा। बहरहाल, बीसीसीआई खेल के हित को ध्यान में रखते हुए नियम बनाने और उन्हें दुरूस्त करने का अधिकार रखेगा।
3. बीसीसीआई भारत में व्यावसायिक घरेलू क्रिकेट लीग/प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए लागू नियमों के मद्देनजर उचित स्पष्टीकरण जारी करेगा। इसके अलावा बीसीआई देश में क्रिकेट के विकास के लिए सभी संभव उपायों को सुनिश्चित करेगा।
4. बीसीसीआई आयोग द्वारा दिए जाने वाले सभी निर्देशों के संबंध में 60 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगा।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पर प्रतिस्पर्धा विरोधी रवैये के कारण 52.24 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सीसीआई का उक्त आदेश सीसीआई की वेबसाइट http://www.cci.gov.in. पर उपलब्ध है।

(pib)

सौ वर्ष में 7वीं बार हुआ 2500 वर्ष से अधिक प्राचीन जैन मूर्तियों का दर्शन

*खबरों में बीकानेर*/

बीकानेर, 27 नवम्बर 2017। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के गच्छाधिपति आचार्यश्री जिन मणिप्रभ सूरिश्वरजी की निश्रा में सोमवार को भुजिया बाजार के श्रीचिंतामणि आदिनाथ जिनालय में पांच सौ से दो हजार से अधिक वर्ष प्राचीन 1116 प्रतिमाएं जैन विधि विधान से निकाली गई। मंदिर में पांच दिवसीय प्राकट्य महोत्सव शुरू हुआ। महोत्सव के तहत सिद्धचक्र महापूजन व भक्ति संगीत संध्या का आयोजन हुआ। आचार्यश्री उनके सहवृति मुनिवृंद तथा साध्वीवृंद ने भी प्राचीन प्रतिमाओं के दर्शन व वंदना की तथा पूजा भागीदारी निभाई ।
चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष निर्मल धारिवाल ने बताया कि सोमवार को सिरोही के विधिकारक मनोज कुमार व बाबूमल हरण ने सविधि सिद्धचक्र महापूजन करवाया।
महोत्सव में श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के साथ सकलश्रीसंघ, जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ,अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद व महिला परिषद की स्थानीय इकाई का सहयोग तथा पार्श्वचन्द्रगच्छ के मुनि पुण्यरत्नचन्द्र, तपागच्छ के पंन्यास प्रवर पुण्डरीकरत्न विजय तथा साध्वीवृंद का सान्निध्य मिल रहा है। प्रथम दिन बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने दर्शन किए। भारत के विभिन्न इलाकों से श्रद्धालु प्राचीन प्रतिमाओं के दर्शन करने पहुंच रहे है।
सुरक्षा व्यवस्था-
मूर्तियों की सुरक्षा के लिए पुलिस के हथियारबंद सिपाही चौबीस घंटें मंदिर में तैनात रहेंगे। मंदिर के द्वार पर मैटल डिटेक्टर की भी व्यवस्था की गई है। मूर्तियों को निकालने व उनके अभिषेक में युवक परिषद व श्रद्धाभावी श्रावक-श्राविकाओं का अनुकरणीय योगदान रहा।

– मोहन थानवी