केंद्र सरकार की बीकानेर को एक और बड़ी सौगात

केंद्र सरकार की बीकानेर को एक और बड़ी सौगात
बीकानेर 17/2/18। केन्द्र सरकार ने बीकानेर में बहुप्रतीक्षित ESIC 100 बेड अस्पताल स्वीकृत किया है। ऐसी जानकारी
केंद्रीय श्रम – रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने केन्द्रीय मंत्री व बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल को दी है । इसके अनुसार
ESIC 100 बेड सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में
17 विषय विशेषज्ञ (डिसिप्लेन ) की विश्वस्तरीय चिकत्सा सेवा का बीकानेर संभाग के श्रमिको को लाभ मिलेगा ।
मेघवाल ने केन्द्रीय मंत्री गंगवार को मार्च में शिलान्यास हेतु बीकानेर आमंत्रित किया है। वे इसे सौगात के रूप में बीकानेर की जनता को समर्पित करेंगे। सांसद प्रवक्ता अशोक भाटी के अनुसार अस्पताल करीब 135 – 150 करोड़ की लागत से तैयार होगा।

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अकादमी द्वारा 48 पांडुलिपियों पर 5.74 .लाख और 22 पुस्तकों पर 2.20 लाख सहयोग स्वीकृत

अकादमी द्वारा 48 पांडुलिपियों पर 5.74 लाख रु. तथा

22 पुस्तकों पर 2 लाख 20 हजार रु. का सहयोग स्वीकृत

उदयपुर, 16 फरवरी/राजस्थान साहित्य अकादमी की‘पांडुलिपि प्रकाशन सहयोग’ योजना अन्तर्गत इस वर्ष 48पांडुलिपियों पर लेखकों को 5 लाख 74 हजार रु. का आर्थिक सहयोग स्वीकृत किया गया है।

अकादमी अध्यक्ष डॉ. इन्दुशेखर तत्पुरुष ने बताया कि‘अरूणिमा रश्मियाँ (काव्य)’ रंजना त्रिखा जयपुर, ‘नदी उफान भरे (काव्य)’ डॉ. कृपा शंकर शर्मा जयपुर, ‘शब्दों के आसमान में हौसलों की उड़ान (काव्य)’ करिश्मा जोशी बीकानेर, ‘अपने अपने आईने (काव्य)’श्री रामनिवास बाँयला अलवर, ‘शब्दों का नीड़ (काव्य)’ श्री राजेन्द्र प्रसाद जोशी मेड़ताशहर, ‘चुप नहीं बैठूंगा (काव्य)’ श्री राजेन्द्र गौड़ कोटा, ‘बच्चों की दुनियां मुस्काई (बाल काव्य)’ डॉ. रेनू सिरोया उदयपुर, ‘खुशियां देता चल (काव्य)’ श्री सोहन प्रकाश जयपुर, ‘उम्मीदों के अश्व (काव्य)’ध्वनि आमेटा डूंगरपुर, ‘आखिर कितनी अनामिकाएँ (काव्य)’विजय लक्ष्मी जांगिड़ जयपुर, ‘भरा हुआ सा खालीपन (काव्य)’ श्री राजेन्द्र कुमार पोकरण, ‘यह सदी निरूत्तर है (काव्य)’ डॉ. कुंजन आचार्य उदयपुर, ‘सफ़र (काव्य)’ श्री महेन्द्र सिंह शेखावत सूरतगढ़, ‘उस देहरी दीप जलाना (काव्य)’ रेणु खत्री अलवर, ‘कितनी सुहानी भोर (काव्य)’ डॉ. बंशीधर तातेड़ बाड़मेर, ‘मुस्कराता बचपन (बाल काव्य)’ डॉ. रत्ना शर्मा जयपुर,‘मयूर पीड़ा (काव्य)’ पृथा वशिष्ठ जयपुर, ‘आखर आखर मोती (काव्य)’डॉ. साधना जोशी जयपुर, ‘निःशब्द हुआ मन (काव्य)’श्रीमती सुधा तिवारी भीलवाड़ा, ‘प्रणय (काव्य)’ श्री मदन जोशी उदयपुर, ‘इन्द्रधनुषी बाल कविताएं (बाल काव्य)’ श्रीमती सुशीला शर्मा जयपुर, ‘समय की पगडंडियों पर (काव्य)’ श्री त्रिलोक सिंह ठकुरेला आबूरोड़,‘अम्बर दूर है कितना (काव्य)’ श्री मनशाह‘नायक‘ जोधपुर, ‘गुलमोहर (काव्य)’श्री चेनराम शर्मा चन्देसरा, ‘क़दम ब क़दम (काव्य)’श्री पुरू मालव छीपा बड़ौद, ‘अन्न जल पानी (काव्य)’श्रीमती उर्मिला माणक गौड़ बैंगलोर, ‘छोटे बच्चे गोल मटोल (बाल काव्य)’डॉ. गोपाल ‘राजगोपाल‘ उदयपुर, ‘गोल्डन जुबली (कहानी)’ संगीता माथुर कोटा, ‘कामाख्या और अन्य कहानियाँ (कहानी)’श्री भरतचन्द्र शर्मा बाँसवाड़ा,‘बोधि वृक्ष के सुर (कहानी)’प. निरंजन प्रसाद पारीक नागौर,‘उपकार (कहानी)’डॉ. पंकज वीरवाल सलूम्बर,‘बनास पार (कहानी)’श्रीमती रीना मेनारिया उदयपुर,‘बुर्ज, चाँद और धुंआ (कहानी)’डॉ. ओम प्रकाश भाटिया जैसलमेर,‘देवा की वसीयत (कहानी)’डॉ. सोहनदास वैष्णव उदयपुर,‘थोड़ा सा सुख (कहानी)’डॉ. अनिता श्रीवास्तव,‘एक है कनु (कहानी)’श्री शरद उपाध्याय कोटा,‘हाडौ़ती अंचल की रोचक लोककथाएं (कहानी)’श्यामा शर्मा कोटा,‘मोगरी (कहानी)’श्री मुरारी गुप्ता जयपुर,‘सलोने गीत (बाल काव्य)’श्री रामेश्वर दयाल पंड्या उदयपुर,‘नदी, धरती और समंदर (काव्य)’ ऋतु जोशी कोटा,‘भगवान बुद्ध (काव्य)’श्री बनवारी लाल सोनी जयपुर,‘बस इसीलिए (काव्य)’श्री हर्षिल पाटीदार डूंगरपुर,‘साहित्य का सांस्कृतिक पक्ष (निबंध)’डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंघवी निम्बाहेड़ा, ‘विमर्श के आयाम (निबंध)’डॉ. विमला सिंहल जयपुर,‘विष्णु गुप्त चाणक्य: और रावण मिल गया – दो नाटक (नाटक)’श्री अशोक कुमार शर्मा जयपुर, ‘आम्रपाली तथा अन्य नाटक (नाटक)’डॉ. शीलाभ शर्मा भरतपुर, ‘हास्य-व्यंग्य नाटक: टेढ़ी, टेढ़ी चाल (व्यंग्य)’ श्री हरमन चौहान उदयपुर, ‘पुनि जहाज पे आवे (संस्मरण)’ श्री दर्शन भरतवाल सुजानगढ़ की पाण्डुलिपियों पर सहयोग स्वीकृत किया गया है। उक्त पांडुलिपियों की 25-25मुद्रित-प्रकाशित पुस्तकें प्राप्त हाने पर अकादमी द्वारा स्वीकृत सहयोग प्रदान किया जाएगा।

अकादमी अध्यक्ष ने बताया कि प्रकाशित पुस्तकों पर सहयोग योजना के तहत 22 प्रकाशित पुस्तकों पर 2 लाख 20हजार रु. का सहयोग – ‘झांसी की झलकारी (काव्य)’श्री किशन लाल वर्मा कोटा, ‘कुछ बूँदे ओस की (काव्य)’ जसमीत कौर जयपुर, ‘कच्ची मिट्टी और अन्य कहानिया’ँ श्रीमती मीनू त्रिपाठी उदयपुर, ‘तेरा तुझको अर्पण (काव्य)’श्री गुल भाटिया उदयपुर, ‘दरकते रिश्तें (कहानी)’डॉ. विद्या पालीवाल उदयपुर, ‘हम खग टूटी पाँखों के (काव्य)’श्रीमती जया गोस्वामी जयपुर, ‘कहानियों सी बेटियां (काव्य)’ श्रीमती शकुन्तला सरूपरिया उदयपुर, ‘दिव्या (कहानी)’ डॉ. तारा दीक्षित उदयपुर, ‘धूप के रंग (काव्य)’ श्रीमती रेणु चन्दा माथुर जयपुर, ‘धुले धुले चहरे (कहानी)’श्री रवि पुरोहित बीकानेर, ‘मुखर होता मौन (काव्य)’श्रीमती रेखा लोढ़ा भीलवाड़ा, ‘एक रात धूप में (काव्य)’श्री राजेन्द्र जोशी बीकानेर, ‘प्रवाह (निबन्ध)’श्री देवेन्द्र नाथ पंड्या गढी, ‘जि़न्दगी के डगर पे’ प्रो. मणिका मोहन जयपुर, ‘समकालीन तमिल प्रतिनिधि कहानियाँ’ श्रीमती एस.भाग्यम शर्मा बीकानेर, ‘कुछ ख्वाब कुछ हकीकत (काव्य)’ कु. शिवानी शर्मा जयपुर, ‘चीत्कार उठी किलकारी (काव्य)’श्रीमती विमला महरिया सिंगोदड़ा, ‘वीथियां मन की (काव्य)’ श्रीमती मनोरमा माथुर जयपुर, ‘भोर का सूरज (काव्य)’ श्री प्रमोद सनाढ्य नाथद्वारा, ‘शब्द-निशक्त (काव्य)’ डॉ. एस. के. लोहानी भीलवाड़ा, ‘मार्चोत्सव एक आफिस का (व्यंग्य)’ श्री हनुमान मुक्त गंगापुर सिटी,‘अमृत कलश (काव्य)’श्रीमती सुधा तिवारी भीलवाड़ा को दस-दस हजार रु. का सहयोग स्वीकृत किया गया है।

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मैं चाय के कप की भाप हूं/ जिसे तुमने ही पनपाया-पैदा किया/ मगर न तुमने मुझे कभी छुआ/ न अपने स्वाद में शामिल किया/ मेरी उम्र बस तुम्हारी चाय की चुस्कियों तक ही रही । — मोहन थानवी ( Mohan Thanvi )

मैं चाय के कप की भाप हूं/ जिसे तुमने ही पनपाया-पैदा किया/ मगर न तुमने मुझे कभी छुआ/ न अपने स्वाद में शामिल किया/ मेरी उम्र बस तुम्हारी चाय की चुस्कियों तक ही रही । — मोहन थानवी ( Mohan Thanvi ) https://mohanthanvi.files.wordpress.com/2018/02/aqua-y2-pro_20180217_124049.3gp मैं चाय के कप की भाप हूं/ जिसे तुमने ही पनपाया-पैदा किया/ मगर न तुमने मुझे कभी छुआ/ न अपने स्वाद में शामिल किया/ मेरी उम्र बस तुम्हारी चाय की चुस्कियों तक ही रही । — मोहन थानवी ( Mohan Thanvi )

श्री ओम बन्ना टाइगर फोर्स सड़क सुरक्षा डाक्यूमेंटरी का विमोचन आज

बीकानेर। श्री ओम बन्ना टाइगर फोर्स के जिला कार्यालय गोल मार्केट व्यास कॉलोनी में 15/2/18 को सुबह 11 बजे डॉक्यूमेंट्री सीडी ( सड़क सुरक्षा के तहत बनाई गई ) का विमोचन होगा। वीरेंद्र सिंह शेखावत जिला संयोजक श्री ओम बन्ना टाइगर फोर्स बीकानेर ने बताया कि इस डाक्यूमेंटरी के माध्यम से ओम बन्ना टाइगर फोर्स के सदस्यों ने सड़क सुरक्षा की जानकारी/ मार्गदर्शन लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया है । सीडी का 11:00 बजे जिला कार्यालय में विमोचन होगा। शेखावत ने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया है।

मफलर; टोपी; पंखुड़ियां और हाथ

मफलर और टोपीधारियों की ही तरह जब प्याज की परतों वाली पंखुड़ियों ने भी मतदाता को निराश कर आंख व हाथ दिखाए तो जनता ने भी दो-दो ( तीन ) हाथ बढ़ा दिए।
आमजन की रही-सही उम्मीदों पर बजट की करारी-करारी चपत लग गई।
क्या इस चपत का परिणाम आगामी चुनावों में मजबूत हाथों से मुरझाई पंखुड़ियों को मिलने वाला है ???

पहले भूख से अब मौत से जूझ रहा है अजय

J N Bissa *खबरों में बीकानेर*/

बीकानेर (जयनारायण बिस्सा)। हिन्दी फिल्म का एक गाना कसमें वादे प्यार वफा सब वादें है वादों का क्या,कोई किसी का नहीं रे बन्दे झूठे नाते है नातों का क्या…..! यह गाना वास्तव में देश की राजनैतिक पार्टियों पर सटीक बैठती है। जब चुनाव आते है तो वोटों को बटोरने की जुगत में प्रत्येक वर्ष लाखों युवाओं को रोजगार देने के वादे किये जाते है। गरीबी मिटाने की बातें होती है। परन्तु सरकारों के गठन के बाद ये धरातल पर खरे नहीं उतर पातें। कुछ ऐसा ही बीकानेर के एक युवा के साथ हो रहा है जो पहले अपने परिवार के ारण पोषण और अब मौत व जिन्दगी की जंंग लड़ रहा है। बेरोजगारी की मार झेल रहा अजय पीबीएम के एच वार्ड के बैड नं 43 में भर्ती है। जिसे लीवर में इन्फेक्शन के बाद भर्ती करवाया गया है। बताया जा रहा है कि पिछले डेढ़ साल से लीवर संबंधित रोग से ग्रसित अजय का वजन महज 20 किलो रह गया है। हालात ये है कि अब अजय उठने और बैठने की स्थिति नहीं है।
राजनीतिक दबाव वाले पुन:लगे
अगस्त 2016 में निकाले गये करीब 150 कार्मिकों में से कई कर्मचारियों को राजनीतिक दबाव के चलते रख लिया गया है। यही नहीं कुछ जातिय आधार पर भी कार्मिकों को रखने की प्रक्रिया हुई। मजे की बात तो ये है कि ईसीबी कॉलेज प्रशासन ने उन कार्मिकों पर गाज गिराई जो मध्यम श्रेणी के कार्मिक थे। किन्तु भ्रष्टाचार में लिप्त उन कार्मिकों को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया। यही नहीं ईसीबी में ऐसे कई विभाग चल रहे है जिनमें विद्यार्थियों संया न के बराबर है और उनमें लगे व्यायातागणों का मासिक वेतन इतना ज्यादा है कि वो विद्यार्थियों की फीस से भी पूर्ति नहीं हो पाता। ऐसे व्याताओं को निकालने की बजाय ऐसे कर्मचारियों को निकालना जो आर्थिक स्तर से पहले से जूझ रहे थे।
ईसीबी से निकाला गया था अजय
आर्थिक मार को आधार बनाकर ईसीबी कॉलेज से अगस्त 2016 में निकाले 150 कार्मिकों में अजय शर्मा भी एक था। जिसके बाद से वह बेरोजगारी से लड़ रहा था। पता चला है कि नौकरी से निकाले जाने के बाद से मानसिक रूप से परेशान अजय शर्मा को अपने परिवार के पालन पोषण की चिंता सताने लगी। इसी चिंता की वजह से वो लगातार बीमार होता चला गया और आर्थिक मंदी के कारण अजय शर्मा अपना ईलाज नहीं करवा पाया। अजय के पिता ने बताया कि किराये के मकान में रहने व घर का गुजारा भी बमुश्किल हो पाता है।आर्थिक मार के चलते मौत व जिदंगी से जूझ रहा है। बेरोजगारी के कारण मानसिक तनाव में रहने की वजह से दिनों दिन इसका स्वास्थ्य गिरता गया।
कार्यवाही से क्यों बच रही है सरकार
ईसीबी कॉलेज में जांच में दोषी पाये गये व्यायाता और कार्मिकों पर कार्यवाही करने से आखिर सरकार क्यों बच रही है। स्थिति ये है कि मंत्री से लेकर अधिकारियों को ईसीबी में भ्रष्टाचार के काले कारनामों की जानकारी है। यही नहंीं इन्हें निकाले गये कार्मिकों के आर्थिक हालात की भी जानकारी है। उसके बाद भी न तो मंत्री और न ही अधिकारी ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्यवाही कर रहे है। आर्थिक हालातों के चलते अजय जैसे कार्मिकों की बिगड़ी स्थिति के लिये आखिर कौन जिमेदार है। ये तो चिंतनिय विषय है।

मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने मानी हेल्प कमेटी की मांगें; धरना करवाया समाप्त

*खबरों में बीकानेर*/

मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने मानी हेल्प कमेटी की मांगे,धरना करवाया समाप्त
बीकानेर। पीबीएम सुधार हेतु 12 सूत्रीय मांगों को लेकर पीबीएम हेल्प कमेटी की ओर से मेडिकल कॉलेज के आगे धरना लगाया। धरने पर बड़ी संया में शहर के नागरिकों ने शिरकत की। धरने पर बैठे लोगों ने पीबीएम प्रशासन व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिसके बाद मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ आर पी अग्रवाल ने धरने पर बैठे कमेटी के लोगों को वार्ता के लिये बुलाया। पीबीएम सिक्युरिटी इंचार्ज प्रभु सिंह शेखावत के माध्यम से कमेटी के प्रतिनिधि मण्डल को बुलाकर बिंदुवार मुद्दों पर चर्चा की और सभी मुद्दों को जल्दी सुलझाने का भरोसा दिया। प्रतिनिधि मण्डल मण्डल में दीपक दैय्या, पूर्ण सिंह, लक्ष्मण चौहान, राजेंद्र चौहान, नवरतन सिंह, ओंकार पंडित, महेंद्र सिंह उदासर, शक्ति सिंह, निर्मल, रिडमलदान, यशपाल पडिहार, जगदीश प्रसाद नायक, मनीष नाई, अनिल चौधरी, विक्रम सिंह, भवानी सिंह, प्रेमरतन, रामसुख, प्रभूदयाल नायक, मदन मेघवाल, सुनील आसोपा, हरि किशन सोनी सहित काफी लोगों ने प्राचार्य के बिंदु वार चर्चा करके अपनी अपनी बातें रखी।
इन मांगों पर बनी सहमति
वार्ता के दौरान मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ आर पी अग्रवाल ने शिष्टमंडल को भरोसा दिलाया कि गामा कैमरा मशीन जल्दी शुरू कर दी जायेगी। इसके लिये फर्म को पुन: स्मरण पत्र लिख दिया गया है। वहीं पीबीएम परिसर में जगह जगह खड़ी हो रही एबुलेंस को एक निर्धारित करके स्टेण्ड दे दिया जायेगा। इसके लिये स्थान निरीक्षण के आदेश अधीक्षक को दिये। डॉ अग्रवाल ने भ्रष्ट बाबूओं पर कार्यवाही करने का भरोसा ाी दिलाया। साथ ही रसोईघर के लिये सामान आपूर्ति के लिये की गई निविदा प्रक्रिया को शुक्रवार तक निपटाने के लिये डॉ गौरी को निर्देशित किया। पीबीएम सुरक्षा ठेकेदारों को भी सुरक्षा कर्मचारी हेतु पुलिस वेरिफिकेशन,पीएफ देने हेतु पाबंद किया। प्राचार्य ने अवगत कराया कि कैंसर विभाग में कार्यकाल पूरा कर चुके डाक्टर बरडिया पर कार्यवाही हेतु राज्य सरकार को पत्र भेजा है,इस का जबाब आते ही जल्दी ही कार्यवाही कर दी जायेगी। प्राचार्य ने परिवहन विभाग में हो रहे घोटाले हेतु अधीक्षक डॉ पी के बेरवाल को फाइलें चैक करके मरीजों को राहत प्रदान करने के निर्देश देते हुए प्राईवेट अस्पताल में जाकर ऑपरेशन करने वाले डाक्टर भूपेन्द्र शर्मा को पाबंद किया। कमेटी ने कैंसर की बिना डिग्री के मरीजों के इलाज करने वाले चिकित्सकों के मूल दस्तावेजों की जांच करने को कहा। कमेटी ने जल्दी ऐसे डाक्टर पर कार्यवाही की मांग करते कहा की अगर जल्दी कार्यवाही नहीं होती सोमवार को इसी डाक्टर के खिलाफ कमेटी आन्दोलन करके पुतला जलाकर विरोध करेगी। इसी तरह फेटिलिटी विभाग डिग्रीधारी चिकित्सक को लगाने,अवैध पार्किग के लिये सुरक्षा इंजार्च और पीबीएम अधीक्षक को शक्त करने,जनाना अस्पताल के बाहर महिलाओं के लिये शौचालय निर्माण जल्द करवाने,हिमोफीलिया मरीजों के इलाज व जांच की सुविधाएं जल्दी करने का विश्वास कमेटी को दिलाया। इन सभी मांगों को मानने के बाद कमेटी ने अपना धरना हटाकर 15 दिवस का समय मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दिया। वार्ता में डॉ आर पी अग्रवाल, डाक्टर लियाकत अली गौरी, पीबीएम अधीक्षक डाक्टर पी के बेरवाल भी मौजूद रहे ।